जमुई में पंचायत चुनाव की सरगर्मी तेज, प्रत्याशियों ने संभाला मोर्चा
जमुई जिले में पंचायत चुनाव को लेकर सरगर्मी तेज हो गई है। हालांकि, चुनाव की आधिकारिक घोषणा अभी नहीं हुई है, लेकिन अप्रैल 2026 में चुनाव प्रक्रिया शुरू होने की प्रबल संभावना जताई जा रही है। इस संभावित चुनाव को लेकर राजनीतिक गलियारों से लेकर गांव की चौपालों तक चुनावी चर्चा जोर पकड़ चुकी है।
संभावित प्रत्याशियों ने अपने-अपने क्षेत्रों में जनसंपर्क अभियान को तेज कर दिया है। ग्रामीण क्षेत्रों में दिन-रात सक्रियता देखी जा रही है। कहीं चौपालों पर पंचायत की सत्ता के समीकरण बिठाए जा रहे हैं, तो कहीं चाय की दुकानों पर उम्मीदवारों की जीत-हार का गणित लगाया जा रहा है। भावी प्रत्याशी विभिन्न सामाजिक कार्यक्रमों में बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं। किसान चौपालों का आयोजन किया जा रहा है, तो कहीं युवाओं को विकास के सपने दिखाकर लुभाने का प्रयास हो रहा है।
महिला प्रत्याशियों ने भी अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। स्वयं सहायता समूहों, आंगनबाड़ी केंद्रों और स्वयंसेवी संगठनों की बैठकों में महिलाओं की भागीदारी बढ़ी है, जहाँ वे अपने मुद्दों को उठा रही हैं और समर्थन जुटाने की कोशिश कर रही हैं।
ग्रामीण मतदाता इस बार पिछले जनप्रतिनिधियों के कार्यकाल का लेखा-जोखा भी कर रहे हैं। लोग यह समीक्षा कर रहे हैं कि किसका काम संतोषजनक रहा और किसे इस बार मौका मिलना चाहिए। मतदाता विकास, सड़क, पानी, शिक्षा, स्वास्थ्य और आवागमन जैसी मूलभूत सुविधाओं को अपने समर्थन का आधार बना रहे हैं।
इंटरनेट मीडिया भी ग्रामीण राजनीति में अहम भूमिका निभा रहा है। कई संभावित प्रत्याशी फेसबुक, वाट्सऐप समूह, डिजिटल पोस्टर और वीडियो संदेशों के माध्यम से अपनी सक्रियता दिखा रहे हैं और समर्थकों को जोड़ने में जुट गए हैं। इसके अलावा, गांवों में बैठकों, चर्चाओं और प्रचार-प्रसार का दौर धीरे-धीरे शुरू हो चुका है। सुबह की चौपाल से लेकर रात की पंचायत तक चुनावी सुगबुगाहट साफ महसूस की जा सकती है। विधानसभा चुनाव समाप्त होते ही पंचायत चुनाव की सरगर्मी और तेज होने की उम्मीद है।
