इंटक में एकता की सुगबुगाहट: राष्ट्रीय अध्यक्ष ने बुलाई केंद्रीय कार्यसमिति की बैठक
इंडियन नेशनल ट्रेड यूनियन कांग्रेस (इंटक) में लंबे समय से चले आ रहे आंतरिक कलह और विभाजन के दौर के बाद अब एकता की नई सुबह होने की उम्मीद जगी है। राष्ट्रीय अध्यक्ष जी. संजीवा रेड्डी ने संगठन को फिर से एक सूत्र में पिरोने के प्रयासों को गति देते हुए दिसंबर माह में केंद्रीय कार्यसमिति की एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई है। इस बैठक में इंटक के विभिन्न गुटों द्वारा प्रस्तुत एकजुटता के प्रस्तावों पर गहन विचार-विमर्श किया जाएगा, जिससे भविष्य की रणनीति तय हो सके।
सूत्रों के अनुसार, यह पहल इंटक के भीतर विभिन्न गुटों के बीच चल रहे दशकों पुराने विवाद को समाप्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस विवाद ने न केवल संगठन की कार्यक्षमता को प्रभावित किया है, बल्कि कोयला जैसे महत्वपूर्ण श्रमिक क्षेत्रों पर भी इसका गहरा असर पड़ा है। विभिन्न अदालती मामलों और गुटबाजी के चलते श्रमिक वर्ग को काफी नुकसान उठाना पड़ा है।
हाल ही में, पूर्व सांसद और मंत्री रहे स्व. चंद्रशेखर दुबे उर्फ ददई दुबे के पुत्र अभय कुमार दुबे ने एकजुटता की दिशा में एक महत्वपूर्ण पत्र लिखा था। उन्होंने तीन नवंबर को इंटक रेड्डी गुट के अध्यक्ष संजीवा रेड्डी, महामंत्री संजय सिंह, और केके तिवारी गुट के अध्यक्ष केएन त्रिपाठी तथा महामंत्री केके तिवारी को पत्र लिखकर एकजुट होने की अपील की थी। इसके जवाब में, केके तिवारी ने भी संजीवा रेड्डी को पत्र लिखकर इस दिशा में पहल करने का आग्रह किया था।
अभय दुबे के पत्र के बाद, केके तिवारी ने इस बात की पुष्टि करते हुए बताया कि दुबे गुट की ओर से भारतीय राष्ट्रीय ट्रेड यूनियन कांग्रेस (इंटक) का पूर्ण सत्र 14, 15 और 16 फरवरी 2026 को रांची में आयोजित करने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने सुझाव दिया है कि अधिवेशन से पूर्व तीनों गुटों की एक समन्वय समिति का गठन किया जाए, तीनों गुटों की डेलिगेट सूची तैयार हो, और एक स्वागत समिति बनाई जाए जिसमें सभी गुटों के प्रतिनिधि शामिल हों। यदि आवश्यक हुआ तो अधिवेशन की तिथि और स्थान संयुक्त रूप से तय किए जा सकते हैं।
राष्ट्रीय अध्यक्ष संजीवा रेड्डी ने इस संबंध में कहा है कि दिसंबर के बाद दिल्ली में कार्यसमिति की बैठक आयोजित की जाएगी। इस बैठक में सभी प्रस्तावों पर विस्तार से चर्चा होगी और संगठन हित में महत्वपूर्ण निर्णय लिए जाएंगे। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मजदूरों के हित में सभी विवादों को समाप्त कर एकजुट होकर एक नई कमेटी का गठन होना चाहिए। रेड्डी गुट के महामंत्री संजय सिंह ने भी इस दिशा में सकारात्मक पहल का स्वागत किया है।
केके तिवारी ने कहा, “लंबे समय से विवाद चल रहा है और मामला न्यायालय तक विचाराधीन है, जिससे श्रमिक वर्ग को क्षति हो रही है। आपस में मिलने में कोई बाधा नहीं है, अब यह राष्ट्रीय अध्यक्ष संजीवा रेड्डी पर निर्भर करता है कि वे इस पर क्या रणनीति तय करते हैं।” इंटक में एकता की यह कवायद श्रमिक वर्ग के लिए एक नई उम्मीद लेकर आई है।
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