फरीदाबाद में जुगाड़ वाहनों पर पुलिस का शिकंजा, हादसों और प्रदूषण पर लगेगी लगाम
फरीदाबाद की सड़कों पर हादसों और बढ़ते प्रदूषण का सबब बन रहे ‘जुगाड़’ वाहनों के खिलाफ जिला पुलिस ने अब सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। इन वाहनों में धड़ल्ले से पाइप, सरिया, लोहा, रेत, बजरी और ईंट जैसी सामग्री की ढुलाई की जा रही है, जिससे ये सड़क सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा बन गए हैं। खासकर, कोहरे के मौसम की शुरुआत के साथ ऐसे वाहनों से दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ जाती है।
ये जुगाड़ वाहन अक्सर रिफ्लेक्टर और आवश्यक लाइटों से वंचित होते हैं, जिस कारण रात के अंधेरे में या कम दृश्यता में ये आसानी से दिखाई नहीं देते। हाईवे और अन्य लिंक मार्गों पर इनकी बड़ी संख्या देखी जा सकती है। इनमें से कई वाहनों पर तो नंबर प्लेट भी गायब रहती है, जिससे यातायात नियमों का उल्लंघन स्पष्ट रूप से नजर आता है। एक अनुमान के अनुसार, 20 हजार से अधिक मोटरसाइकिलें अब जुगाड़ वाहनों का रूप ले चुकी हैं, जिनमें लोहे की बॉडी लगाकर सामान ढुलाई का काम किया जा रहा है।
इन वाहनों की सबसे बड़ी समस्या यह है कि इनका कोई पंजीकरण या बीमा नहीं होता। ऐसे में, यदि कोई हादसा होता है, तो पीड़ित को किसी भी प्रकार का क्लेम या मुआवजा मिलना असंभव हो जाता है। क्षमता से अधिक सामान लादने के कारण ये वाहन अक्सर अनियंत्रित हो जाते हैं, और रात में राहगीरों के लिए विशेष रूप से खतरनाक साबित होते हैं।
प्रदूषण के मोर्चे पर भी ये वाहन गंभीर चिंता का विषय हैं। ये वाहन अक्सर काला धुआं उगलते नजर आते हैं और प्रदूषण जांच से भी मुक्त रहते हैं, जिससे शहर की वायु गुणवत्ता लगातार गिर रही है। हैरानी की बात यह है कि ओवरलोडिंग के बावजूद ये वाहन पुलिस और परिवहन विभाग के अधिकारियों के सामने से गुजर जाते हैं, मानो इन पर कोई नियम लागू ही न होते हों। आम वाहनों के लिए रोड टैक्स, इंश्योरेंस और फिटनेस जैसे तमाम नियम इन जुगाड़ वाहनों पर लागू नहीं होते, जिससे ये अवैध रूप से सड़कों पर दौड़ रहे हैं। नए वाहन एक्ट के तहत बिना पंजीकरण कोई भी वाहन चलाना एक गंभीर अपराध है, लेकिन इन पर अंकुश लगाने में प्रशासन को अभी तक अपेक्षित सफलता नहीं मिली है।
पुलिस ने ऐसे वाहनों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है और यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के लिए हेल्पलाइन नंबर 0129-2267201 और 2225999 पर संपर्क करने का आग्रह किया है।
