एनसीडी स्क्रीनिंग और इलाज में लापरवाही पर सीएमओ ने जताई नाराजगी, जताई कार्रवाई की बात
मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय के सभागार में गैर-संचारी रोगों (एनसीडी) कार्यक्रम के तहत जिले में कार्यरत सभी चिकित्साधिकारियों की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में मुख्य चिकित्साधिकारी (सीएमओ) राजीव अग्रवाल ने एनसीडी कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर देते हुए सभी चिकित्सकों को आवश्यक निर्देश दिए।
समीक्षा बैठक का मुख्य एजेंडा जिले में एनसीडी स्क्रीनिंग तथा स्क्रीनिंग के उपरांत उपचार (ट्रीटमेंट) की वर्तमान प्रगति का मूल्यांकन करना था। विस्तृत चर्चा के दौरान यह पाया गया कि जिले में एनसीडी स्क्रीनिंग और उसके बाद मरीजों के इलाज से संबंधित उपलब्धियां अपेक्षा के अनुरूप नहीं हैं। इस तथ्य पर सीएमओ ने गहरी नाराजगी व्यक्त की और सभी चिकित्सा अधिकारियों को तत्काल सुधार लाने के निर्देश दिए।
सीएमओ ने स्पष्ट किया कि यह अत्यंत महत्वपूर्ण है कि निर्धारित लक्ष्य के अनुसार प्रगति सुनिश्चित की जाए। उन्होंने सभी चिकित्सा अधिकारियों को एनसीडी कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन, समय पर रिपोर्टिंग सुनिश्चित करने, उच्च जोखिम वाले व्यक्तियों की पहचान करने और उनके उपचार की उपलब्धता में सुधार लाने के लिए प्राथमिकता के आधार पर कार्य करने का निर्देश दिया। सीएमओ ने इस बात पर भी बल दिया कि ये सभी कदम एनसीडी के बढ़ते बोझ को नियंत्रित करने और जनस्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए आवश्यक हैं।
सीएमओ राजीव अग्रवाल ने यह भी स्पष्ट किया कि एनसीडी से संबंधित सभी गतिविधियों की नियमित रूप से निगरानी की जाएगी। यदि प्रगति संतोषजनक नहीं पाई गई, तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने चिकित्साधिकारियों से कहा कि वे इस कार्य को अत्यंत गंभीरता से लें और जनस्वास्थ्य की रक्षा के लिए अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन पूरी निष्ठा से करें। यह बैठक एनसीडी कार्यक्रमों की प्रभावशीलता बढ़ाने और जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुई।
