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चिट फंड कंपनी के सीएमडी समेत 7 पर 4.61 करोड़ की धोखाधड़ी, 100 से अधिक निवेशक शिकार

By Jan 28, 2026

बाराबंकी में एक चिट फंड कंपनी, लोनी अर्बन मल्टी स्टेट क्रेडिट सोसाइटी (एलयूसीसी), के खिलाफ 4.61 करोड़ रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। कंपनी के सीएमडी समीर अग्रवाल सहित सात निदेशकों पर 100 से अधिक निवेशकों को दोगुना मुनाफा का लालच देकर ठगने का आरोप है। यह मुकदमा कंपनी के एक एजेंट राकेश कुमार की तहरीर पर दर्ज किया गया है, जो बाराबंकी के रहने वाले हैं।

ठगी का जाल और निवेशकों का पैसा

एजेंट राकेश कुमार के अनुसार, कुछ साल पहले कंपनी के अधिकारियों से उनकी मुलाकात हुई थी। उन्होंने निवेश पर भारी मुनाफा देने की कई योजनाएं बताईं और दावा किया कि कंपनी सेबी में रजिस्टर्ड है। कंपनी का रजिस्टर्ड कार्यालय गाजियाबाद और प्रशासनिक कार्यालय इंदौर में बताया गया था। कंपनी एजेंटों को सुविधा केंद्र आवंटित करती थी और विभिन्न योजनाओं जैसे आरडी, एफडी, एमआईपी, बचत खाता और लोन पर काम करती थी। बाराबंकी में भी कंपनी का एक कार्यालय था। राकेश को सेंटर हेड बनाने का वादा किया गया था, जिसके बाद उन्होंने 100 से अधिक लोगों से कुल 4,61,83,700 रुपये का निवेश कराया।

मैच्योरिटी पर टालमटोल और धमकी

जब जून 2024 में निवेशकों की मैच्योरिटी पूरी हुई और उन्होंने अपने पैसे वापस मांगे, तो कंपनी के अधिकारी टालमटोल करने लगे। दबाव बनाने पर उन्होंने निवेशकों को गबन के मामले में फंसाने की धमकी दी। इस धोखाधड़ी का असर आम जनता के भरोसे पर पड़ा है, जिन्होंने अपनी गाढ़ी कमाई का निवेश किया था।

दर्ज हुआ मुकदमा और जांच जारी

कोर्ट के आदेश के बाद महिगवां थाने में कंपनी के सीएमडी समीर अग्रवाल, शबाब हुसैन रिजवी, आरके शेट्टी, संतोष कुमार, विनोद कुमार वर्मा, उत्तम सिंह राजपूत और उनकी पत्नी माया सिंह के खिलाफ धोखाधड़ी और धमकी की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

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