मद्रास HC के जज के समर्थन में उतरे 50 पूर्व न्यायाधीश, ‘लोकतंत्र की जड़ों पर हमला’ बताकर DMK को घेरा
मद्रास हाई कोर्ट के जस्टिस जीआर स्वामीनाथन को लेकर चल रहे ‘दीपम विवाद’ में एक बड़ा मोड़ आ गया है। 50 से अधिक पूर्व न्यायाधीशों, जिनमें सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश और हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश शामिल हैं, ने जस्टिस स्वामीनाथन के समर्थन में एकजुटता व्यक्त की है। यह घटनाक्रम तब सामने आया जब विपक्षी नेताओं ने जस्टिस स्वामीनाथन के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव पेश किया। यह प्रस्ताव मदुरै पहाड़ी मंदिर में दीपक जलाने की अनुमति देने वाले उनके आदेश के बाद लाया गया था।
पूर्व न्यायाधीशों ने अपने बयान में इस महाभियोग प्रस्ताव की कड़ी निंदा की है। उन्होंने इसे ‘एक विशेष राजनीतिक विचारधारा का पालन न करने वाले न्यायाधीशों को डराने का एक निर्लज्ज प्रयास’ बताया है। बयान में यह भी चेतावनी दी गई है कि इस तरह की कार्रवाई ‘लोकतंत्र की जड़ों को काटती है’। यह रिपोर्ट DMK के नेतृत्व वाले विपक्ष और न्यायपालिका के बीच संवैधानिक कर्तव्यों को लेकर बढ़ते तनाव को उजागर करती है। यह विवाद न्यायपालिका की स्वतंत्रता और राजनीतिक हस्तक्षेप के बीच की नाजुक रेखा को दर्शाता है।
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