26000 की बाधा पार न कर सका निफ्टी, 25900 पर बंद, बाजार में गिरावट के 3 बड़े कारण
नई दिल्ली। शेयर बाजार में मंगलवार को बिकवाली का दबाव देखा गया, जिसके चलते बेंचमार्क इंडेक्स निफ्टी (Nifty50) 26000 के अहम स्तर को पार करने में नाकाम रहा। 17 नवंबर को 26000 के ऊपर क्लोजिंग देने के बाद, 18 नवंबर को साप्ताहिक एक्सपायरी के दिन निफ्टी ने अपनी बढ़त गंवा दी और 100 से अधिक अंकों की गिरावट के साथ 25910 के स्तर पर बंद हुआ। इसी तरह, सेंसेक्स में भी 242 अंकों की गिरावट दर्ज की गई और यह 84707 पर बंद हुआ।
मंगलवार के कारोबारी सत्र में निफ्टी मेटल, निफ्टी आईटी और निफ्टी स्मॉलकैप जैसे तीन प्रमुख सेक्टोरल इंडेक्स में 1 फीसदी से अधिक की गिरावट देखी गई, जिसने बाजार की गिरावट में अहम भूमिका निभाई। निफ्टी के टॉप गेनर्स में भारती एयरटेल, एक्सिस बैंक, एशियन पेंट्स और श्रीराम फाइनेंस जैसे शेयर शामिल थे, जबकि टाटा कंज्यूमर, टेक महिंद्रा, जियो फाइनेंस और इंडिगो के स्टॉक टॉप लूजर्स की सूची में रहे।
बाजार में आई इस गिरावट के पीछे तीन प्रमुख कारण बताए जा रहे हैं। पहला, कमजोर ग्लोबल संकेत। 18 नवंबर को अधिकांश एशियाई बाजार, जिनमें कोस्पी, निक्केई 225, शंघाई का एसएसई कंपोजिट और हांगकांग का हैंग सेंग शामिल हैं, भारी गिरावट के साथ कारोबार कर रहे थे। इसके अतिरिक्त, इस सप्ताह जारी होने वाले महत्वपूर्ण आर्थिक आंकड़ों से पहले अमेरिकी बाजार भी सोमवार को लाल निशान में बंद हुए थे, जिसने भारतीय बाजार पर भी नकारात्मक प्रभाव डाला।
दूसरा कारण आईटी और मेटल शेयरों में भारी बिकवाली रही। विशेष रूप से मेटल और आईटी सेक्टर में अधिक गिरावट देखी गई। एम्फैसिस, कोफोर्ज और टेक महिंद्रा जैसे शेयरों में बिकवाली का मुख्य कारण यह माना जा रहा है कि दिसंबर में अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद कम हो गई है। वहीं, डॉलर के मजबूत होने से हिंदुस्तान कॉपर, हिंद जिंक और वेदांता जैसे मेटल शेयरों पर भी दबाव बढ़ा।
तीसरा कारण एक्सपायरी मूवमेंट और कमजोर रुपया रहा। निफ्टी की साप्ताहिक एक्सपायरी के चलते बाजार में उतार-चढ़ाव देखने को मिला। इसके अलावा, शेयर बाजारों में बिकवाली के दबाव और वैश्विक व्यापार संबंधी अनिश्चितता के बीच भारतीय रुपया भी डॉलर के मुकाबले कमजोरी के साथ खुला, जिसने आयातकों के लिए लागत बढ़ाई और बाजार पर अतिरिक्त दबाव डाला।
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