23 दिन बाद इंजीनियर की हत्या का खुलासा: 5 लाख के विवाद में दोस्त ने हथौड़े से फोड़ा सिर
बेंगलुरु से 27 अक्टूबर को लापता हुए 34 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर श्रीनाथ की हत्या का मामला अब सुलझ गया है। पुलिस ने आंध्र प्रदेश के चित्तूर में श्रीनाथ का शव बरामद किया है। इस मामले में श्रीनाथ के दोस्त प्रभाकर और उसके साथी जगदीश को गिरफ्तार किया गया है।
सूत्रों के अनुसार, श्रीनाथ ने प्रभाकर को व्यापार में निवेश के लिए कुछ पैसे दिए थे। पैसे वापस न मिलने और 5 लाख रुपये के विवाद के चलते प्रभाकर ने श्रीनाथ की हत्या कर दी। पुलिस ने बताया कि प्रभाकर ने जगदीश के साथ मिलकर श्रीनाथ की हत्या की साजिश रची।
पुलिस के अनुसार, श्रीनाथ 27 अक्टूबर को अट्टीबेले से लापता हो गया था। उसकी पत्नी नेहा ने 1 नवंबर को पुलिस में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। नेहा ने पुलिस को बताया कि उसे प्रभाकर पर शक है क्योंकि श्रीनाथ आखिरी बार प्रभाकर से मिलने कुप्पम गया था और उसके बाद वापस नहीं लौटा।
नेहा ने पुलिस को बताया कि प्रभाकर ने श्रीनाथ को बिजनेस में 40 लाख रुपये निवेश करने का सुझाव दिया था और पैसे डबल करने का दावा किया था। श्रीनाथ ने प्रभाकर के कहने पर पैसे उधार लेकर कुप्पम गया था।
पुलिस ने जब प्रभाकर से पूछताछ की, तो उसने पहले श्रीनाथ से मिलने से इनकार किया और कहा कि उसे नहीं पता कि श्रीनाथ कुप्पम आया था। उसने पुलिस को सबूत भी दिखाए। हालांकि, नेहा के दावों के आधार पर जब पुलिस ने जांच शुरू की, तो प्रभाकर की साजिश का खुलासा हुआ।
प्रभाकर ने पुलिस के सामने कबूल किया कि उसने श्रीनाथ की हत्या की है। प्रभाकर ने बताया कि उन्होंने श्रीनाथ को एक सरकारी कॉलोनी के घर में बुलाया था। वहां जगदीश की मदद से हथौड़े से उसका सिर कुचला और शव को दफना दिया। प्रभाकर ने बताया कि श्रीनाथ ने उसे 10 लाख रुपये दिए थे, जिसमें से 5 लाख उसने लौटा दिए थे, लेकिन श्रीनाथ बाकी 5 लाख रुपये मांग रहा था, जिसके कारण उसने उसकी हत्या कर दी।
पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की जांच जारी है। पुलिस इस मामले में शामिल अन्य लोगों की तलाश कर रही है और हत्या के कारणों की गहराई से जांच कर रही है। इस घटना ने एक बार फिर दोस्ती और विश्वासघात के बीच की पतली रेखा को उजागर किया है।
