21 नवंबर 2025: शुक्रवार को बन रहे हैं विशेष योग, जानें पंचांग
21 नवंबर 2025, शुक्रवार को हिंदू पंचांग के अनुसार मार्गशीर्ष माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि का प्रारंभ होगा। यह दिन विशेष रूप से धन की देवी मां लक्ष्मी की आराधना के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार, इस दिन कई शुभ और अशुभ योगों का निर्माण हो रहा है, जिनका प्रभाव मानव जीवन पर पड़ सकता है।
पंचांग के अनुसार, मार्गशीर्ष माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि दोपहर 2 बजकर 47 मिनट तक रहेगी। इसके साथ ही, अतिगण्ड योग सुबह 10 बजकर 44 मिनट तक प्रभावी रहेगा। बव नामक करण दोपहर 2 बजकर 47 मिनट तक और बालव करण अगले दिन प्रातः 4 बजे से शुरू होगा। सूर्योदय सुबह 6 बजकर 49 मिनट पर होगा, जबकि सूर्यास्त शाम 5 बजकर 25 मिनट पर होगा।
ज्योतिषियों का मानना है कि शुक्रवार का दिन मां लक्ष्मी को समर्पित होता है। मां लक्ष्मी को धन, समृद्धि और ऐश्वर्य की देवी माना जाता है। इस दिन उनकी विधि-विधान से पूजा-अर्चना करने से साधक को धन संबंधी समस्याओं से मुक्ति मिलती है और जीवन में सुख-समृद्धि का आगमन होता है। इस विशेष तिथि पर शुभ मुहूर्त में किए गए कार्य अधिक फलदायी सिद्ध हो सकते हैं।
दिन के राहुकाल और शुभ समय की जानकारी भी पंचांग से प्राप्त की जा सकती है। राहुकाल को अशुभ समय माना जाता है, जिसमें किसी भी नए कार्य का शुभारंभ करने से बचना चाहिए। वहीं, शुभ मुहूर्त में किए गए कार्यों से सफलता की प्राप्ति की संभावना बढ़ जाती है। इसलिए, किसी भी महत्वपूर्ण कार्य को करने से पूर्व पंचांग देखकर शुभ और अशुभ समय का ज्ञान अवश्य प्राप्त कर लेना चाहिए।
