20 करोड़ की साइबर ठगी: मंत्री के साले समेत कई आरोपी अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर
मथुरा में शिव गौरा गौ सेवा ट्रस्ट के नाम पर संगठित गिरोह द्वारा 20 करोड़ रुपये से अधिक की ऑनलाइन ठगी का मामला सामने आया है। पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, लेकिन इस मामले में नामजद कई आरोपी, जिनमें एक कैबिनेट मंत्री के बेटे के साले अभिषेक चौधरी भी शामिल हैं, अभी भी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं।
यह गिरोह 13 सितंबर को शिव गौरा गौ सेवा ट्रस्ट के नाम पर एसबीआई बैंक में फर्जी खाते खोलकर सक्रिय हुआ था। इन खातों में देश के विभिन्न प्रांतों से 20 करोड़ रुपये से अधिक की रकम का लेन-देन हुआ। साइबर ठगी का शिकार हुए पीड़ितों की शिकायतों के बाद मथुरा पुलिस हरकत में आई। एसएसपी श्लोक कुमार के निर्देश पर साइबर सेल ने बैंक खातों की जांच की, जिसमें एक सप्ताह के भीतर ही करीब 20 करोड़ रुपये से अधिक के ट्रांजेक्शन का खुलासा हुआ।
पुलिस ने खाताधारकों की पहचान के लिए जांच पड़ताल शुरू की, जिसमें शिवम, गोविंद और गौतम के नाम से संयुक्त खाते पाए गए। पुलिस के अनुसार, 13 नवंबर की रात बरेली-जयपुर हाईवे के पास से गौतम उपाध्याय और बलदेव को गिरफ्तार किया गया। इनके कब्जे से फर्जी आधार कार्ड भी बरामद हुए। पूछताछ में पता चला कि यह गिरोह मध्य प्रदेश, तमिलनाडु, ओडिशा, दिल्ली, बिहार जैसे राज्यों से रकम निकाल रहा था। गिरफ्तार आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि कैबिनेट मंत्री के बेटे के साले अभिषेक चौधरी ने ही ये बैंक खाते खुलवाए थे।
हालांकि, दो महीने से अधिक समय बीत जाने के बाद भी पुलिस अभिषेक चौधरी और उसके साथ कथित तौर पर जुड़े तीन-चार अन्य आरोपियों को गिरफ्तार नहीं कर पाई है। साइबर थाना प्रभारी निरीक्षक रफत मजीद ने बताया कि अभिषेक चौधरी और अन्य फरार आरोपियों की तलाश के लिए टीमें लगी हुई हैं। उन्होंने विश्वास दिलाया कि जो भी इस साइबर ठगी में शामिल हैं, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा और सभी को गिरफ्तार किया जाएगा।
