14 वर्ष बाद जन्मस्थान पहुंचे महंत नृत्य गोपाल दास, झूलबिहारी मंदिर में किए दर्शन
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास 14 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद शुक्रवार शाम को अपने जन्मस्थान करहला गांव पहुंचे। इस अवसर पर उनका भव्य स्वागत किया गया। उन्होंने श्री झूलबिहारी मंदिर में विशेष दर्शन किए और प्रभु का आशीर्वाद प्राप्त किया।
महंत नृत्य गोपाल दास करीब सात बजे कार से करहला गांव पहुंचे। गांव के रामकुमार दास जी महाराज, रवि भारद्वाज, दूदू जादौन, सतीश खुशी, कृष्णा जादौन, राहुल फौजी, भरत पंडित सहित दर्जनों लोगों ने पुष्प वर्षा कर और माला पहनाकर उनका हार्दिक अभिनंदन किया। गांव के रामकुमार दास जी महाराज ने इस अवसर पर कहा कि यह हम सबके लिए अत्यंत सौभाग्य की बात है कि महंत नृत्य गोपाल दास जी आज हमारे बीच अपने जन्मस्थान पर उपस्थित हैं।
करीब आधा घंटा स्थानीय साधु-संतों और ग्रामवासियों के साथ सत्संग करने के बाद महंत नृत्य गोपाल दास वृंदावन के लिए रवाना हो गए। उनका यह आगमन उनके समर्थकों और स्थानीय लोगों के लिए विशेष हर्ष का उल्लास का अवसर बना।
अयोध्या के मणिराम दास छावनी के प्रमुख महंत नृत्य गोपाल दास का जन्म 11 जून 1938 को करहला गांव में हुआ था। उन्होंने बहुत कम उम्र में ही अयोध्या की ओर रुख कर लिया था और महंत राम मनोहर दास के शिष्य बने। वाराणसी में संस्कृत विश्वविद्यालय से शास्त्री की उपाधि प्राप्त करने के बाद, वे 1965 में श्री मणिराम दास छावनी (छोटी छावनी) के महंत बने। राम मंदिर आंदोलन में उनकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही है, और वे इसके निर्माण से लेकर वर्तमान स्वरूप तक में सक्रिय रहे हैं। वे श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष होने के साथ-साथ श्रीकृष्ण जन्मभूमि ट्रस्ट के भी अध्यक्ष हैं।
