12 राज्यों में मतदाता सूची पुनरीक्षण तेज, 99% से अधिक फॉर्म वितरित
चुनाव आयोग द्वारा देश के 12 राज्यों में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दूसरे चरण के तहत जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार, इस प्रक्रिया में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। मंगलवार तक, 50.54 करोड़ से अधिक गणना फार्म, जो कि कुल का 99.16 प्रतिशत है, वितरित किए जा चुके हैं। इसके साथ ही, 28.71 करोड़ फार्मों का डिजिटलीकरण भी पूरा कर लिया गया है, जो कुल का 56.34 प्रतिशत है।
आयोग के अनुसार, अंडमान-निकोबार, गोवा और लक्षद्वीप में गणना फार्मों का वितरण शत-प्रतिशत पूरा हो चुका है। वहीं, मध्य प्रदेश, गुजरात, राजस्थान और पश्चिम बंगाल डिजिटलीकरण के मामले में अन्य राज्यों से आगे चल रहे हैं। लक्षद्वीप में डिजिटलीकरण लगभग 99.33 प्रतिशत पूर्ण हो चुका है। गुजरात में ईएफ वितरण 99.73 प्रतिशत, मध्य प्रदेश में 99.85 प्रतिशत, राजस्थान में 99.53 प्रतिशत और उत्तर प्रदेश में 99.64 प्रतिशत दर्ज किया गया है। तमिलनाडु में यह आंकड़ा 96.65 प्रतिशत और केरल में 97.53 प्रतिशत रहा है। पुड्डुचेरी में वितरण 95.94 प्रतिशत तक पहुंचा है।
डिजिटलीकरण की प्रक्रिया में मध्य प्रदेश 72.73 प्रतिशत, गुजरात 67.75 प्रतिशत, पश्चिम बंगाल 70.14 प्रतिशत, राजस्थान 78.39 प्रतिशत और गोवा 82.67 प्रतिशत के साथ अग्रणी राज्यों में शुमार हैं। हालांकि, उत्तर प्रदेश में 34.03 प्रतिशत और केरल में 35.90 प्रतिशत के साथ डिजिटलीकरण की गति अपेक्षाकृत धीमी रही है।
चुनाव आयोग ने इस महत्वपूर्ण कार्य में तेजी लाने के उद्देश्य से मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों से सत्यापन और डिजिटलीकरण प्रक्रिया में अधिक बूथ स्तरीय एजेंट नियुक्त करने का आग्रह किया है। यह कदम मतदाता सूची को अधिक सटीक और अद्यतन बनाने में सहायक सिद्ध होगा। आयोग ने यह भी स्पष्ट किया कि राजस्थान के आंकड़ों में अंता विधानसभा क्षेत्र को शामिल नहीं किया गया है, क्योंकि वहां उपचुनाव के कारण संशोधन प्रक्रिया स्थगित कर दी गई थी।
