10 साल से फरार आजाद हिंद फौज प्रमुख नितेश सिंह महाराज ने किया आत्मसमर्पण
दस वर्षों से कानून की पकड़ से दूर आजाद हिंद फौज के प्रमुख नितेश सिंह महाराज ने आखिरकार पुलिस के बढ़ते दबाव के सामने घुटने टेक दिए। सोमवार को उन्होंने शिवहर सीजेएम कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया। नितेश सिंह महाराज, जो तरियानी छपरा पंचायत की मुखिया अर्पणा सिंह के पति भी हैं, वर्ष 2015 के एक अपहरण के मामले में फरार चल रहे थे।
सूत्रों के अनुसार, पुलिस द्वारा लगातार की जा रही तलाश और उनके करीबियों से पूछताछ के चलते नितेश सिंह महाराज पर आत्मसमर्पण का दबाव काफी बढ़ गया था। इसी दबाव के चलते उन्होंने कोर्ट में शरण ली।
आत्मसमर्पण करने से पहले नितेश सिंह महाराज ने अपनी बेगुनाही का दावा करते हुए कहा कि जिस मामले में उन्हें फंसाया गया है, उसमें उनकी कोई संलिप्तता नहीं है। उन्होंने इस पूरे प्रकरण को एक राजनीतिक साजिश बताया। उनके मुताबिक, राजनीतिक विरोधियों ने विधानसभा चुनाव के दौरान उन्हें निशाना बनाने के लिए यह चाल चली, जिसके कारण उन्हें चुनाव के दौरान क्षेत्र से बाहर रहना पड़ा। उन्होंने न्यायालय पर पूरा भरोसा जताया और कहा कि उन्हें न्याय अवश्य मिलेगा।
आजाद हिंद फौज की स्थापना माओवाद के खिलाफ लड़ाई के उद्देश्य से की गई थी। नितेश सिंह महाराज के खिलाफ पूर्व में भी कई मामले दर्ज हुए हैं, और वे वर्ष 2017 व 2022 में जेल भी जा चुके हैं। जेल से बाहर आने के बाद उन्होंने समाजसेवा का रास्ता अपनाया और वर्ष 2020 में अपनी पत्नी अर्पणा सिंह को मुखिया बनवाया। हाल के संपन्न विधानसभा चुनाव में उनकी पत्नी ने जनसुराज के टिकट पर बेलसंड विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ा था। ऐसा माना जा रहा है कि उनकी बढ़ती लोकप्रियता के कारण ही उन्हें तड़ीपार किया गया था, जिसका असर चुनाव परिणामों पर भी पड़ा।
उनके अधिवक्ता के अनुसार, यह मामला वर्ष 2015 का है, जब नितेश सिंह किसी चुनावी गतिविधि में शामिल नहीं थे। अधिवक्ता ने यह भी कहा कि इस मामले में उनका नाम राजनीतिक कारणों से जोड़ा गया प्रतीत होता है। नितेश सिंह महाराज को अब अदालत में पेश किया जाएगा, जहां से आगे की कानूनी कार्यवाही की जाएगी।
