योगी आदित्यनाथ का अखिलेश यादव पर तंज, बोले- 12 बजे तक सोने वाले को UP politics की चिंता नहीं
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को लखनऊ में आयोजित एक कार्यक्रम में विपक्ष पर जमकर हमला बोला। उन्होंने समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि जो लोग दोपहर 12 बजे तक सोकर उठते हैं, उन्हें गरीबों के बच्चों की पढ़ाई की चिंता नहीं हो सकती। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों में परिवारवाद, भ्रष्टाचार और लापरवाही के कारण छात्रवृत्ति जैसी योजनाएं गरीबों तक नहीं पहुंच पाती थीं। सीएम ने यह टिप्पणी निष्पक्ष एवं पारदर्शी डीबीटी प्रक्रिया के तहत वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए प्रदेश के 18.78 लाख छात्र-छात्राओं के बैंक खातों में ₹944.55 करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति का अंतरण करते हुए की।
परिवारवाद पर साधा निशाना
मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व की सरकारों ने गरीबों के बच्चों की पढ़ाई पर कभी ध्यान नहीं दिया। 12 बजे तक सोकर उठने वाले को गरीबों के बच्चों की चिंता कहां से होगी? जो सूरज निकलने के बाद उठे, उसे सूर्योदय की बात भी फिजूल लगेगी। ऐसे लोग न प्रदेश की चिंता कर सकते हैं और न ही गरीबों की। उन्होंने कहा कि जब सरकार की मंशा साफ होती है और नीति स्पष्ट होती है, तब भ्रष्टाचार रूपी दानव पर नियंत्रण संभव होता है। पहले छात्रवृत्ति योजनाएं कई स्तरों पर भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ जाती थीं। कभी सरकार की नीयत खराब होती थी, कभी परिवारवाद आड़े आता था, कभी विभागीय भ्रष्टाचार के कारण पैसा गरीब छात्रों तक नहीं पहुंचता था।
डीबीटी से आई पारदर्शिता
सीएम योगी ने कहा कि आज डीबीटी के माध्यम से एक क्लिक में सभी वर्गों के करीब 19 लाख छात्रों के खातों में पैसा पहुंचा, बिना किसी भेदभाव के। उन्होंने कहा कि यह सब “राष्ट्र प्रथम” की भावना से संभव हुआ है, न कि “परिवार प्रथम” की सोच से। उन्होंने कहा कि छात्र-छात्राएं ही विकसित भारत का भविष्य हैं और सरकार उनके सपनों को साकार करने के लिए हर संभव प्रयास करती रहेगी। मुख्यमंत्री ने गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर आयोजित इस कार्यक्रम को सामाजिक न्याय और समावेशी विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “वंचित को वरीयता, पिछड़ों को प्राथमिकता” विजन का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि कोई भी छात्र शिक्षा से वंचित न रहे। तकनीक के माध्यम से ई-गवर्नेंस को ईजी गवर्नेंस में बदला गया है, जिससे पारदर्शिता सुनिश्चित हुई है।
शिक्षा ढांचे में ऐतिहासिक सुधार
मुख्यमंत्री ने बताया कि ऑपरेशन कायाकल्प के माध्यम से परिषदीय विद्यालयों की स्थिति बदली गई है। अब विद्यालयों में भवन, शिक्षक, सुविधाएं और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध है। आंगनबाड़ी केंद्रों में प्री-प्राइमरी शिक्षा, पोषण मिशन, कस्तूरबा गांधी विद्यालय, अटल आवासीय विद्यालय और कम्पोजिट स्कूलों के माध्यम से शिक्षा व्यवस्था को सशक्त किया गया है। उन्होंने अभ्युदय कोचिंग योजना के तहत नीट, जेईई और यूपीएससी की तैयारी की सुविधा का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि स्किल डेवलपमेंट, रोबोटिक्स, ड्रोन टेक्नोलॉजी और खेल इन्फ्रास्ट्रक्चर पर सरकार विशेष ध्यान दे रही है। हर गांव में खेल मैदान, ब्लॉक स्तर पर मिनी स्टेडियम और मेरठ में मेजर ध्यानचंद स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी का निर्माण किया जा रहा है।
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