युवाओं से मुख्यमंत्री धामी का आह्वान: नशे को कहें ‘ना’, बनाएं ‘ड्रग्स फ्री उत्तराखंड’
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि नशे के खिलाफ लड़ाई में समाज के हर वर्ग का सहयोग आवश्यक है, और इसी सहयोग से आज समाज इस गंभीर चुनौती का सामना करने में सक्षम हो रहा है। उन्होंने विशेष रूप से युवाओं का आह्वान किया कि वे नशे को पूरी तरह से ‘ना’ कहें और अपने दोस्तों व साथियों को भी इसके दुष्प्रभावों से अवगत कराकर नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करें।
मुख्यमंत्री कार्यालय में नशा मुक्त भारत अभियान की पांचवीं वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री धामी ने इस बात पर बल दिया कि नशा केवल एक बुरी आदत नहीं, बल्कि एक ऐसी भयावह चुनौती है जो समाज को भीतर से खोखला कर देती है। उन्होंने आगे कहा कि यह घातक प्रवृत्ति व्यक्ति की सोचने-समझने की क्षमता, विवेक और निर्णय लेने की शक्ति को पूरी तरह नष्ट कर देती है, जिससे उसका पूरा भविष्य अंधकारमय हो जाता है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की प्रेरणा से प्रेरित होकर राज्य सरकार भी ‘ड्रग्स फ्री उत्तराखंड’ के संकल्प को साकार करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ मिशन मोड पर कार्य कर रही है। इस दिशा में कई कदम उठाए गए हैं, जिनमें नशीले पदार्थों की रोकथाम, नशे से पीड़ित व्यक्तियों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने और उनके प्रभावी पुनर्वास के लिए प्रदेश के सभी जिलों में नशा मुक्ति केंद्र स्थापित करना शामिल है। इसके अतिरिक्त, युवाओं की ऊर्जा को सही दिशा देने और उन्हें नशे से दूर रखने के उद्देश्य से राज्य में ‘दगड़िया क्लब’ की स्थापना की गई है।
कार्यक्रम के दौरान, मुख्यमंत्री ने उपस्थित युवाओं को नशा मुक्त भारत अभियान की शपथ दिलाई। साथ ही, स्कूल और कॉलेजों में राज्य स्तर पर आयोजित भाषण एवं निबंध प्रतियोगिताओं के विजेताओं को सम्मानित भी किया गया, ताकि नशे के खिलाफ जागरूकता को और बढ़ावा मिल सके। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, विधायक सविता कपूर, उत्तराखंड अन्य पिछड़ा वर्ग आयोग के उपाध्यक्ष संजय नेगी, सचिव समाज कल्याण श्रीधर बाबू अद्दांकी और अपर पुलिस महानिदेशक डा वी मुरुगेशन सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
