यूपी रोडवेज का अजीब फैसला: सीएनजी डिपो में भेजी डीजल बसें, खड़ी रह गईं लाखों की गाड़ियाँ
उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (यूपी रोडवेज) मुख्यालय के एक ऐसे फैसले ने ग्रेटर नोएडा डिपो में अजीबोगरीब स्थिति पैदा कर दी है, जहाँ केवल सीएनजी बसों का संचालन होता है, वहाँ डीजल से चलने वाली बसें भेज दी गई हैं। यात्रियों की सुविधा के लिए हाल ही में यूपी रोडवेज के ग्रेटर नोएडा डिपो को दो नई मिनी बसें मिली थीं, लेकिन लगभग एक महीने से अधिक समय बीत जाने के बावजूद ये बसें डिपो परिसर में ही खड़ी धूल फांक रही हैं।
इसका मुख्य कारण इन डीजल बसों के लिए ईंधन की व्यवस्था का न होना और रूट परमिट का न मिलना है। ग्रेटर नोएडा डिपो पूरी तरह से सीएनजी बसों के संचालन के लिए सुसज्जित है। डिपो में सीएनजी फिलिंग स्टेशन भी मौजूद है और वर्तमान में यहाँ से 117 सीएनजी बसें नोएडा, दिल्ली, आगरा, बुलंदशहर, डिबाई, फिरोजाबाद, अलीगढ़ और अन्य महत्वपूर्ण मार्गों पर सफलतापूर्वक संचालित हो रही हैं।
लेकिन मुख्यालय से भेजी गई इन दो डीजल बसों के लिए ईंधन का इंतजाम करना डिपो के लिए एक टेढ़ी खीर साबित हो रहा है। डिपो के सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक ने बताया कि डिपो सीएनजी संचालित है और यहाँ सीएनजी बसें ही चल रही हैं। अचानक भेजी गई डीजल बसों के संचालन के लिए बाहर से डीजल भरवाने की कोई व्यवस्था अभी तक नहीं की गई है। साथ ही, इन बसों के लिए आवश्यक रूट परमिट भी प्राप्त नहीं हुए हैं।
इस फैसले का सीधा असर यात्रियों की सुविधा पर पड़ सकता है, क्योंकि नई बसें सेवा में नहीं आ पा रही हैं। यह स्थिति रोडवेज मुख्यालय की योजना और समन्वय पर भी सवाल उठाती है। जहाँ एक ओर परिवहन निगम यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा के लिए लगातार नई तकनीकों और सुविधाओं को बसों में जोड़ने का प्रयास कर रहा है, वहीं दूसरी ओर इस तरह के फैसले संसाधनों के दुरुपयोग और अव्यवस्था की ओर इशारा करते हैं। उम्मीद है कि इस मामले में जल्द ही आवश्यक कार्रवाई की जाएगी ताकि ये बसें यात्रियों को अपनी सेवा दे सकें।
