यूपी में एटीएस की मदरसों पर नज़र: संचालकों से मांगी जानकारी, मचा हड़कंप
लखनऊ स्थित एटीएस मुख्यालय के निर्देश पर एटीएस इकाई प्रयागराज ने विभिन्न जनपदों में संचालित मदरसों की विस्तृत जानकारी मांगी है। महोबा जिला भी इसकी जद में है। सूत्रों के अनुसार, एटीएस ने मदरसों को पत्र जारी कर संचालकों से उनके नाम, पते और मोबाइल नंबर सहित कई महत्वपूर्ण जानकारियां मांगी हैं।
अल्पसंख्यक कल्याण विभाग ने इस संबंध में मदरसा संचालकों को पत्र भेजकर तत्काल ब्यौरा उपलब्ध कराने का आदेश दिया है। हालांकि, अभी तक शासन से इस संबंध में कोई आधिकारिक पत्र प्राप्त नहीं हुआ है। एटीएस का पत्र मिलने के बाद, मदरसा संचालक आवश्यक जानकारी जुटाने में जुट गए हैं। अचानक इतनी जानकारी मांगे जाने से लोगों के मन में कई तरह के सवाल उठ रहे हैं।
जिले में कुल 21 मदरसे सरकार से मान्यता प्राप्त हैं, जिनमें से शेखूनगर भटीपुरा और मकनियापुरा स्थित मदरसों को सरकारी अनुदान मिलता है। एटीएस इकाई प्रयागराज ने मदरसों में पढ़ने वाले बच्चों, उनके अभिभावकों, शिक्षकों, प्रबंधकों और मौलवियों के नाम, पते, मोबाइल नंबर के साथ-साथ उनकी गतिविधियों से संबंधित जानकारी भी मांगी है। इस आदेश के बाद मदरसों में खलबली मच गई है और संचालक जानकारी एकत्र करने में लगे हुए हैं।
जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी महेंद्र प्रताप ने बताया कि जिले में कुल 21 मदरसे हैं, जिनमें से दो को सरकारी अनुदान मिलता है। सभी को एटीएस का पत्र भेजकर जल्द से जल्द जानकारी उपलब्ध कराने को कहा गया है। उन्होंने यह भी बताया कि अभी तक शासन से इस संबंध में कोई पत्र प्राप्त नहीं हुआ है। एटीएस के पत्र के आधार पर मदरसों से जानकारी मांगी जा रही है।
इस घटनाक्रम के बाद, मदरसों के संचालकों और स्थानीय लोगों में चिंता का माहौल है। वे जानना चाहते हैं कि एटीएस द्वारा यह जानकारी किस उद्देश्य से मांगी जा रही है। सूत्रों के अनुसार, एटीएस का यह कदम सुरक्षा संबंधी मामलों से जुड़ा हो सकता है, लेकिन इस बारे में अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
इस मामले में आगे क्या होता है, यह देखना महत्वपूर्ण होगा। मदरसा संचालक जानकारी देने के लिए तैयार हैं, लेकिन वे इस बात को लेकर चिंतित हैं कि इस कदम का उनके मदरसों और समुदाय पर क्या प्रभाव पड़ेगा।
