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यूपी में पराली जलाने पर सख्त निगरानी, मुख्य सचिव ने दिए कड़े निर्देश

By Nov 20, 2025

उत्तर प्रदेश में वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के प्रयासों के तहत, राज्य के मुख्य सचिव ने पराली जलाने की घटनाओं पर सख्त निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं। सभी मंडलायुक्तों और जिलाधिकारियों के साथ एक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान, मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया कि सरकारी समितियां निर्धारित समय पर खुलें और खाद का पर्याप्त स्टॉक हर विक्रय केंद्र पर उपलब्ध रहे। स्टॉक कम होते ही तुरंत नई खेप भेजी जाए, जिसकी रोज समीक्षा जिलाधिकारी करेंगे।

उन्होंने बताया कि पराली जलाने की प्रत्येक घटना की निगरानी सैटेलाइट के माध्यम से की जा रही है। जिन जिलों में ऐसी घटनाएं अधिक पाई जाती हैं, वहां किसानों को पराली के प्रबंधन और उसके विकल्पों के बारे में जागरूक करने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। इसके बावजूद, यदि कोई नियम तोड़ता पाया गया तो उस पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। यह कदम पर्यावरण संरक्षण और सार्वजनिक स्वास्थ्य की सुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।

मुख्य सचिव ने गोवंश संरक्षण पर भी महत्वपूर्ण निर्देश दिए। प्रदेश में 30 बड़े गोसंरक्षण केंद्र स्थापित किए जाने का प्रस्ताव है। जिलों को जल्द ही एक-एक हेक्टेयर भूमि चिन्हित कर पशुपालन विभाग को सौंपनी होगी। प्रत्येक मंडल में एक मॉडल गौशाला भी विकसित की जाएगी। साथ ही, अच्छा कार्य करने वाले गैर-सरकारी संगठनों (एनजीओ) को गो-आश्रय स्थलों के प्रबंधन की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। गोशालाओं में कर्मचारियों की उपस्थिति, चारा-पानी की उपलब्धता और पशुओं की देखभाल की नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाएगी। निराश्रित पशुओं के लिए प्रतिदिन 50 रुपये प्रति गोवंश खर्च का प्रावधान किया गया है। सड़कों और खेतों में घूम रहे पशुओं को तुरंत आश्रय स्थलों पर ले जाने के आदेश दिए गए हैं। डीबीटी भुगतान के लिए हर माह 30 तारीख तक फंड रिक्वेस्ट भेजना अनिवार्य किया गया है। ठंड से बचाव के लिए सभी आश्रय स्थलों पर तिरपाल, बोरे और पुआल की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। चारा नीति के तहत, गोशालाओं को चारागाह भूमि आवंटित कर हरा चारा उगाने की योजना है।

इसके अतिरिक्त, खनन विभाग की समीक्षा के दौरान, मुख्य सचिव ने ईंट भट्ठों से वसूली, उप-खनिज रॉयल्टी और साधारण मिट्टी के आवेदनों के समयबद्ध निस्तारण के निर्देश दिए। खनन वाहनों के जीपीएस को विभागीय पोर्टल से जल्द जोड़ने की बात कही गई। इस बैठक में कृषि, पशुपालन, सहकारिता, खनन सहित सभी संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

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