यूपी में अब OTP से मिलेगा घरेलू गैस सिलेंडर: धोखाधड़ी पर लगेगी लगाम
उत्तर प्रदेश में घरेलू गैस सिलेंडर की डिलीवरी प्रक्रिया में एक महत्वपूर्ण बदलाव किया गया है। अब उपभोक्ताओं को सिलेंडर प्राप्त करने के लिए डिलीवरी बॉय को एक वन टाइम पासवर्ड (ओटीपी) बताना अनिवार्य होगा। इस नई व्यवस्था का उद्देश्य गैस सिलेंडर की सुरक्षित और सही डिलीवरी सुनिश्चित करना, धोखाधड़ी को रोकना और उपभोक्ताओं को सुविधा प्रदान करना है।
गोंडा से मिली जानकारी के अनुसार, घरेलू गैस सिलेंडरों का व्यावसायिक क्षेत्रों में दुरुपयोग और कालाबाजारी रोकने के लिए गैस कंपनियों ने यह ओटीपी व्यवस्था लागू की है। इसके तहत, गैस सिलेंडर बुक कराने के बाद उपभोक्ता को उनके पंजीकृत मोबाइल नंबर पर छह अंकों का ओटीपी भेजा जाएगा। जब हॉकर गैस सिलेंडर लेकर ग्राहक के घर पहुंचेगा, तो वह उनसे बुकिंग के समय प्राप्त हुआ ओटीपी पूछेगा। ओटीपी का मिलान होने के बाद ही संबंधित उपभोक्ता को सिलेंडर वितरित किया जाएगा।
इस नई व्यवस्था से घरेलू गैस सिलेंडर की कालाबाजारी पर प्रभावी अंकुश लगने की उम्मीद है। साथ ही, पांच लाख से अधिक घरेलू कनेक्शन धारकों को उनके हिस्से का सिलेंडर सही समय पर मिल सकेगा। हालांकि, यह व्यवस्था अभी पूरी तरह से लागू नहीं हो पाई है, लेकिन भारत पेट्रोलियम, हिंदुस्तान पेट्रोलियम और इंडियन ऑयल जैसी प्रमुख कंपनियों ने इसकी शुरुआत करते हुए लगभग 50 प्रतिशत उपभोक्ताओं पर इसे प्रभावी कर दिया है।
उपायुक्त खाद्य एवं रसद, विजय प्रभा ने बताया कि ओटीपी व्यवस्था लागू होने से उपभोक्ताओं को सिलेंडर समय पर और आसानी से मिलने लगेगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि शत-प्रतिशत ई-केवाईसी न होने के कारण यह व्यवस्था पूरी तरह से लागू नहीं हो पाई है, लेकिन धीरे-धीरे इसे सभी गैस उपभोक्ताओं के लिए अनिवार्य किया जाएगा।
इसी बीच, गोंडा जिले में हिंदुस्तान पेट्रोलियम में उत्पादन प्रभावित होने के कारण प्रतिदिन आपूर्ति नहीं मिल पा रही है, जिसका खामियाजा उपभोक्ताओं को गैस सिलेंडर की किल्लत के रूप में भुगतना पड़ रहा है। जिले में इस कंपनी की दस गैस एजेंसियां हैं, जिनमें करीब 80 हजार उपभोक्ताओं ने कनेक्शन ले रखे हैं। एक माह से इन्हें समय से गैस सिलेंडर नहीं मिल पा रहा है, जिससे सिलेंडरों की खेप आते ही उपभोक्ताओं की भीड़ लग रही है। हालांकि, पेट्रोलियम कंपनी के विक्रय अधिकारी ने सिलेंडरों की किल्लत से इनकार करते हुए कहा कि 90 प्रतिशत घरेलू गैस उपभोक्ताओं को सिलेंडर समय से मिल रहा है और केवल दस प्रतिशत उपभोक्ताओं को ही दिक्कत है। उन्होंने यह भी बताया कि अतिरिक्त सिलेंडर नहीं मिल रहे हैं, यह स्थिति आपूर्ति कम मिल पाने के कारण आई है, लेकिन अब यह व्यवस्था भी पटरी पर आ रही है।
