यूपी बोर्ड परीक्षा केंद्र निर्धारण में देरी, रिपोर्टिंग में लापरवाही
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद की वर्ष 2026 में होने वाली परीक्षाओं के लिए परीक्षा केंद्रों के निर्धारण की प्रक्रिया में गंभीर विलंब होता दिख रहा है। जिले में कुल 548 कॉलेजों को परीक्षा केंद्र बनाने की सूची में शामिल किया गया था, जिनके सत्यापन के लिए जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह ने प्रत्येक तहसील में तीन-तीन सदस्यीय टीमों का गठन किया था। इन टीमों को 17 नवंबर तक सत्यापन कार्य पूरा कर अपनी रिपोर्ट डीआईओएस कार्यालय को सौंपनी थी, लेकिन निर्धारित समय सीमा बीत जाने के बावजूद अब तक केवल 100 कॉलेजों की ही सत्यापन रिपोर्ट प्राप्त हुई है।
सूत्रों के अनुसार, कॉलेजों में उपलब्ध सुविधाओं, जैसे भवन की स्थिति, कमरों में खिड़की-दरवाजे, सीसीटीवी कैमरे की उपलब्धता, मार्ग की सुगमता, पानी और बिजली की व्यवस्था, स्ट्रांग रूम की उपयुक्तता, शौचालय और बाउंड्रीवाल जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं पर जानकारी मांगी गई थी। यह जानकारी संबंधित प्रधानाचार्यों द्वारा 10 नवंबर तक ऑनलाइन फीड कराई गई थी। इसके आधार पर जिलाधिकारी ने तहसील स्तर पर उपजिलाधिकारी की अध्यक्षता में एक कमेटी गठित की थी, जिसमें तहसीलदार और राजकीय इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य को सदस्य बनाया गया था।
बुधवार तक डीआईओएस कार्यालय में केवल 100 कॉलेजों की सत्यापन रिपोर्ट पहुंची है, जबकि डेडलाइन को दो दिन बीत चुके हैं। इस धीमी प्रगति के कारण परीक्षा केंद्रों के अंतिम निर्धारण में देरी की आशंका बढ़ गई है। जिला विद्यालय निरीक्षक रवीन्द्र सिंह ने जिले की पांचों तहसीलों के उपजिलाधिकारियों से अनुरोध किया है कि वे अपने अधीन कॉलेजों का सत्यापन कार्य शीघ्रता से पूरा करवाकर रिपोर्ट उनके कार्यालय में जमा कराएं। रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद ही उन्हें जिलाधिकारी के माध्यम से माध्यमिक शिक्षा परिषद को भेजा जा सकेगा, जिससे आगामी परीक्षाओं की तैयारी समय पर पूरी हो सके।
