अयोध्या राम मंदिर से स्टैच्यू ऑफ यूनिटी तक, इन दिग्गजों के पीछे है भारत का सबसे बड़ा बिल्डर
क्या आप जानते हैं कि अयोध्या के भव्य राम मंदिर से लेकर दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा स्टैच्यू ऑफ यूनिटी, नरेंद्र मोदी स्टेडियम और मुंबई ट्रांस हार्बर लिंक जैसी देश की सबसे महत्वाकांक्षी परियोजनाओं के पीछे किसका हाथ है? इस प्रश्न का उत्तर भारत की सबसे बड़ी और सबसे भरोसेमंद इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी लार्सन एंड टुब्रो (L&T) है। विदेशी नाम होने के बावजूद, यह कंपनी दशकों से भारत के विकास की गाथा में एक महत्वपूर्ण भागीदार रही है।nnएलएनटी की कहानी 1938 में शुरू हुई जब डेनमार्क के दो इंजीनियर, हेनिंग हल्क लार्सन और सोरेन क्रिस्टियन टुब्रो, भारत आए। उन्होंने मुंबई में एक छोटे से कार्यालय से शुरुआत की और यूरोपीय मशीनरी के आयात और बिक्री का काम शुरू किया। द्वितीय विश्व युद्ध के कारण आयात बाधित होने पर, कंपनी ने जहाजों की मरम्मत जैसे नए क्षेत्रों में कदम रखा और धीरे-धीरे अपनी पहचान बनाई।nn1940 में, टाटा समूह के साथ सोडा ऐश प्लांट की स्थापना का अनुबंध एलएनटी के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हुआ। इस परियोजना को समय पर पूरा करके, कंपनी ने न केवल टाटा का विश्वास जीता, बल्कि भारतीय उद्योग जगत में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई।nnइंफ्रास्ट्रक्चर विकास के बढ़ते अवसरों को भुनाने के लिए, दिसंबर 1950 में एलएनटी को एक पब्लिक लिमिटेड कंपनी में बदल दिया गया। इसके बाद, कंपनी को रेलवे, नगर निगमों और बड़े औद्योगिक घरानों से लगातार बड़े प्रोजेक्ट मिलने लगे, जिससे इसके विस्तार का मार्ग प्रशस्त हुआ।nn1960-70 के दशक में एलएनटी की तकनीकी क्षमता का लोहा तब माना गया जब डॉ. होमी भाभा ने उन्हें परमाणु रिएक्टर कंपोनेंट्स बनाने की जिम्मेदारी सौंपी। इसके साथ ही, इसरो के संस्थापक डॉ. विक्रम साराभाई ने अंतरिक्ष परियोजनाओं के लिए एलएनटी को अपना सहयोगी बनाया। बाद में, कंपनी ने रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) के साथ मिलकर मिसाइल सिस्टम और पनडुब्बी परियोजनाओं पर भी काम शुरू किया। आज भी, ये रणनीतिक क्षेत्र एलएनटी की पहचान का एक अभिन्न अंग हैं।nnवर्ष 2001 में, कंपनी को एक बड़े अधिग्रहण के खतरे का सामना करना पड़ा जब ग्रासिम इंडस्ट्रीज ने एलएनटी में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने का प्रयास किया। उस समय के चेयरमैन ए.एम. नाइक ने कर्मचारियों और बाजार नियामक सेबी के सहयोग से कंपनी को सफलतापूर्वक बचाया। इस सौदे के तहत, एलएनटी ने अपने सीमेंट व्यवसाय को ग्रासिम को बेच दिया, जो आज अल्ट्राटेक सीमेंट के नाम से जाना जाता है। यह घटना एलएनटी की लचीलेपन और दूरदर्शिता का प्रमाण है, जिसने इसे भारत की सबसे बड़ी इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनियों में से एक के रूप में स्थापित किया है।”
।
बीएमसी चुनाव: मुंबई की लड़ाई, राष्ट्रीय दांव पर क्यों?
टी20 विश्व कप 2026: पाकिस्तान भारत नहीं आएगा, श्रीलंका में होंगे सभी मैच
हार्दिक पांड्या की वापसी, सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में पृथ्वी शॉ भी दिखाएंगे दम
स्मृति मंधाना की शादी स्थगित, मंगेतर পলাश 4 घंटे रोए, अस्पताल में हुए भर्ती
26/11 हमलों में तहव्वुर राणा की भूमिका स्वीकार, छिपी परतें खुलने का दावा
T20 विश्व कप 2026 का शेड्यूल जारी: भारत-पाक का महामुकाबला कब और कहाँ?
रोहित शर्मा बने ICC पुरुष T20 विश्व कप 2026 के ब्रांड एंबेसडर
स्मृति मंधाना-पलाश मुच्छल की शादी टली, पूर्व प्रेमिका संग प्रपोजल की तस्वीरें वायरल
