पश्चिमी सिंहभूम में जंगली हाथी का कहर जारी, एक और महिला की मौत, पति घायल; Jharkhand elephant attack से दहशत
झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले में जंगली हाथियों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। गोइलकेरा प्रखंड में एक जंगली हाथी ने सोमवार सुबह एक महिला की जान ले ली और उसके पति को घायल कर दिया। पिछले पांच दिनों में यह छठी मौत है, जिससे पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल है और वन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। इस घटना ने मानव-वन्यजीव संघर्ष की गंभीर चुनौती को फिर से उजागर किया है।
सोमवार सुबह गोइलकेरा के संतरा वन क्षेत्र के बिला पंचायत के वन ग्राम मिस्त्री बेड़ा में 50 वर्षीय जोंगा लागुरी पर हाथी ने हमला कर दिया। ग्रामीणों के अनुसार, हाथी ने सूंड से पकड़कर पटक-पटक कर महिला को मार डाला। अपनी पत्नी को बचाने की कोशिश में 52 वर्षीय चंद्र मोहन लागुरी भी घायल हो गए। परिवार के अन्य सदस्य किसी तरह अपनी जान बचाने में सफल रहे।
घायल चंद्र मोहन को तुरंत चक्रधरपुर अनुमंडल अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए चाईबासा रेफर कर दिया गया। गोइलकेरा पुलिस ने महिला के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए चक्रधरपुर अनुमंडल अस्पताल भेज दिया है।
पिछले पांच दिनों में चाईबासा जिले में जंगली हाथी के हमलों में अब तक छह लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि पांच अन्य घायल हुए हैं, जिनकी स्थिति गंभीर बताई जा रही है। इससे पहले टोंटो, मुफ्फसिल और गोइलकेरा थाना क्षेत्रों में भी हाथी ने हमला कर पांच लोगों की जान ले ली थी।
वन विभाग की प्रतिक्रिया
कोल्हान वन प्रमंडल पदाधिकारी (डीएफओ) कुलदीप कुमार ने बताया कि हाथी के हमले की सूचना मिलते ही वनरक्षी और पुलिस प्रशासन को सूचित किया गया। उन्होंने जानकारी दी कि हाथी को भगाने और उसे काबू में करने के लिए पश्चिम बंगाल से एक विशेष टीम बुलाई गई है, जो सोमवार सुबह तक पहुंचने वाली थी। वर्तमान में वन विभाग घूम-घूम कर माइक से ग्रामीणों को हाथी से सतर्क रहने की सलाह दे रहा है और उन्हें पटाखे भी दिए गए हैं ताकि वे हाथियों को दूर रख सकें। लोगों को जागरूक करने के प्रयास भी किए जा रहे हैं।
