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क्यों छोड़ रहीं महिलाएं घर? मुरादाबाद के 2025 के आंकड़ों ने उड़ाई नींद, 57 महिलाएं प्रेमी संग फरार

By Jan 21, 2026

मुरादाबाद में एक चौंकाने वाला सामाजिक रुझान सामने आया है, जहां विवाहित महिलाएं अपने परिवार और बच्चों को छोड़कर जा रही हैं। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, साल 2025 में 57 महिलाओं ने अपने पति और 81 मासूम बच्चों को अकेला छोड़कर प्रेमी के साथ नया जीवन शुरू किया। यह घटनाक्रम 20 से 50 वर्ष की आयु वर्ग की महिलाओं में देखा जा रहा है, जो दर्शाता है कि यह समस्या किसी विशेष आयु समूह तक सीमित नहीं है।

बढ़ता इंटरनेट और खोया अपनापन

विश्लेषण से पता चलता है कि इन घटनाओं के पीछे इंटरनेट मीडिया और मोबाइल फोन का बढ़ता प्रभाव एक प्रमुख कारण है। सोशल मीडिया के माध्यम से बने प्रेम संबंधों में भावनात्मक जुड़ाव इतना गहरा हो जाता है कि महिलाएं पारिवारिक जिम्मेदारियों और सात जन्मों के बंधन को भूल जाती हैं। कई मामलों में, महिलाएं अपने वैवाहिक जीवन में उपेक्षा, संवाद की कमी और भावनात्मक असुरक्षा महसूस करती हैं, जिसके कारण वे बाहर मिलने वाले भावनात्मक सहारे की ओर आकर्षित हो जाती हैं।

बच्चों पर गहरा मानसिक आघात

इन महिलाओं के फैसले का सबसे बुरा असर उनके बच्चों पर पड़ रहा है, जो मां के प्यार और दुलार से वंचित हो रहे हैं। कई बच्चे अब अकेले पिता या दादा-दादी और रिश्तेदारों की देखरेख में पल रहे हैं। यह स्थिति परिवारों के लिए एक बड़ी चुनौती पेश कर रही है और बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य पर भी गहरा प्रभाव डाल रही है।

मनोवैज्ञानिकों की राय

मंडलीय मनोवैज्ञानिक डॉ. रीना तोमर के अनुसार, यह समस्या केवल नैतिक या पारिवारिक नहीं, बल्कि गहरी मानसिक और सामाजिक वजहों से जुड़ी है। इंटरनेट और मोबाइल के अत्यधिक प्रयोग से भावनात्मक जुड़ाव तेजी से बन रहा है। वैवाहिक जीवन में भावनात्मक जरूरतों का पूरा न होना और पहचान का संकट महिलाओं को ऐसे निर्णय लेने पर मजबूर कर सकता है। उन्होंने परिवारों को संवाद बढ़ाने, महिलाओं की भावनात्मक जरूरतों को समझने और आवश्यकता पड़ने पर काउंसलिंग की मदद लेने की सलाह दी है, ताकि टूटते रिश्तों और बच्चों के मानसिक आघात को रोका जा सके।

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