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कौन हैं असली उज़ैर बलौच? रहमान डकैत के बाद गैंग संभालने वाला खूंखार गैंगस्टर

By Dec 19, 2025

फिल्म ‘धुरंधर’ के अंत में रहमान डकैत की मौत के बाद उसके भाई उज़ैर बलौच का किरदार सामने आता है, जो अपने भाई की मौत से अनजान अस्पताल पहुँचता है। लेकिन असल जिंदगी में उज़ैर बलौच की कहानी यहीं खत्म नहीं होती। वह रहमान डकैत के बाद कराची के लयारी इलाके का एक खूंखार गैंगस्टर बना।

वास्तव में, उज़ैर बलौच ने अपने भाई रहमान डकैत की मौत के बाद गैंग की कमान संभाली थी। वह अर्शद पप्पू की हत्या के लिए जिम्मेदार था, जिसका शव लयारी में मिला था। इतना ही नहीं, कहा जाता है कि पप्पू की मौत के बाद उज़ैर और उसके गुर्गों ने उसके सिर से फुटबॉल खेला था।

उज़ैर, रहमान डकैत का चचेरा भाई था। 2003 में, अर्शद पप्पू ने उज़ैर के पिता फैज़ मोहम्मद का अपहरण कर हत्या कर दी थी। इस घटना के बाद अर्शद पप्पू अपराध की दुनिया में सक्रिय हुआ और लयारी में अपनी धाक जमाने की कोशिश करने लगा, जिसका रहमान डकैत से सीधा टकराव था।

इसी दौरान, उज़ैर को चौधरी असलम खान ने गिरफ्तार किया था, लेकिन रहमान डकैत के राजनीतिक संपर्कों के चलते उसे रिहा कर दिया गया। हालांकि, उज़ैर दो साल कराची सेंट्रल जेल में रहा। खबरों के मुताबिक, उज़ैर शुरू में रहमान के गैंग में शामिल नहीं होना चाहता था, लेकिन एक साझा दुश्मन होने के कारण वह राजी हो गया।

2009 में रहमान डकैत के एनकाउंटर में मारे जाने के बाद, उज़ैर ने गैंग का नेतृत्व संभाला। उसने रहमान की राजनीतिक पार्टी, पीपुल्स अमन कमेटी (PAC) की भी कमान ले ली। फिल्म की तरह, उसके भी पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के नेताओं से संबंध थे और रहमान की मौत के बाद उसे 2012 तक पार्टी का संरक्षण मिला रहा। 2011 में, पाकिस्तान में आतंकवाद विरोधी अभियानों के तहत PAC को भंग कर दिया गया। उज़ैर अपनी पार्टी के तहत चुनाव नहीं लड़ सका, लेकिन उसके पोस्टर और इलाके में उसका दबदबा बना रहा।

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