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कासगंज में मेडिकल कॉलेज का सपना कब होगा साकार? लोगों को मिल पाएगी राहत!

By Dec 8, 2025

कासगंज जनपद में एक मेडिकल कॉलेज की स्थापना का सपना वर्षों से देखा जा रहा है, जिसे साकार करने की मांग अब ज़ोर पकड़ रही है। लोगों का मानना है कि यदि यह सपना पूरा हो जाए, तो गंभीर रूप से बीमार रोगियों को बड़ी राहत मिलेगी। वर्तमान में, जिला अस्पताल ही उपचार का एकमात्र सहारा है, लेकिन विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी के चलते गंभीर रोगों से ग्रस्त मरीजों को इलाज के लिए बड़े शहरों का रुख करना पड़ता है।

इन महानगरों में इलाज न केवल महंगा है, बल्कि मरीजों के साथ आने वाले तीमारदारों को भी भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। लोगों ने अपनी पीड़ा साझा करते हुए कहा कि कासगंज में मेडिकल कॉलेज न होने के कारण उन्हें इलाज के लिए अलीगढ़, आगरा, बरेली और दिल्ली जैसे शहरों में जाना पड़ता है। इससे न केवल इलाज का खर्च बढ़ जाता है, बल्कि परिजनों को भी काफी परेशानी झेलनी पड़ती है।

वर्ष 2018 में केंद्र सरकार ने कासगंज में पीपीपी (पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप) मोड पर मेडिकल कॉलेज के निर्माण की घोषणा की थी। जिला प्रशासन ने भूमि भी चिन्हित कर शासन को भेज दी थी, लेकिन यह परियोजना ठंडे बस्ते में चली गई। हाल ही में, सरकार की पहल पर एक निजी संस्था का चयन होने के बावजूद, मेडिकल कॉलेज का निर्माण कार्य अभी तक शुरू नहीं हुआ है।

स्थानीय लोगों की पुरजोर मांग है कि मेडिकल कॉलेज का निर्माण शीघ्र अति शीघ्र पूरा हो। इससे गंभीर बीमारियों और विशेषज्ञ चिकित्सकों से उपचार कराने के लिए उन्हें दूसरे जिलों या महानगरों की ओर नहीं भागना पड़ेगा। मेडिकल कॉलेज की स्थापना से मरीजों को स्थानीय स्तर पर ही विशेषज्ञ उपचार मिल सकेगा, जिससे उनके इलाज पर होने वाला खर्च भी कम होगा। जिला अस्पताल और सीएचसी में विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती न होने के कारण मरीज इलाज के लिए दूसरे जिलों में जाने को मजबूर हैं। मेडिकल कॉलेज बनने से स्थानीय स्तर पर ही विशेषज्ञ चिकित्सक उपलब्ध होंगे और रक्त जैसी विभिन्न जांचें भी यहीं हो सकेंगी।

लोगों ने सरकार से अपील की है कि कासगंज के लोगों के मेडिकल कॉलेज के निर्माण के सपने को जल्द से जल्द साकार किया जाए। उन्होंने चिंता जताई कि अलीगढ़, आगरा और बरेली तक गंभीर मरीजों को ले जाने में काफी समय लगता है, और कभी-कभी तो मरीज रास्ते में ही दम तोड़ देते हैं। मेडिकल कॉलेज बनने से ऐसे अनमोल जीवन बचाए जा सकेंगे।

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