WhatsApp ला रहा नया फीचर: ग्रुप में पहचान होगी आसान, टैग से मिलेगा खास परिचय
लोकप्रिय मैसेजिंग ऐप WhatsApp अपने एंड्रॉइड उपयोगकर्ताओं के लिए एक ऐसे नए फीचर की टेस्टिंग कर रहा है, जो ग्रुप चैट को पहले से कहीं अधिक आसान बना देगा। यह नया फीचर ‘ग्रुप-मेंबर टैग’ के नाम से जाना जाएगा और इसका उद्देश्य बड़े और सक्रिय WhatsApp ग्रुप्स में सदस्यों की पहचान को सुगम बनाना है।
सूत्रों के अनुसार, यह सुविधा उपयोगकर्ताओं को अपने प्रोफाइल नाम के साथ एक छोटा, व्यक्तिगत टैग जोड़ने की अनुमति देगी। यह टैग 30 अक्षरों तक का हो सकता है और इसका उपयोग किसी विशेष पहचान, भूमिका या पद को दर्शाने के लिए किया जा सकता है, जैसे ‘कोच’, ‘प्रोजेक्ट मैनेजर’, ‘मॉडरेटर’ या कोई अन्य कस्टम पहचान। इस प्रकार, ग्रुप के सदस्य आसानी से यह समझ पाएंगे कि कौन क्या भूमिका निभा रहा है या किस क्षेत्र से संबंधित है।
यह फीचर पूरी तरह से वैकल्पिक होगा और इसे केवल वही उपयोगकर्ता नियंत्रित कर सकेगा जिसने इसे सेट किया है। ग्रुप एडमिन का इस पर कोई नियंत्रण नहीं होगा, जिसका अर्थ है कि यह सुविधा किसी सदस्य को विशेष अधिकार या पद नहीं देगी, बल्कि केवल पहचान के उद्देश्य से काम करेगी। यह सुनिश्चित करेगा कि टैग का उपयोग केवल व्यक्तिगत पहचान के लिए हो, न कि किसी प्रकार के प्रभाव या शक्ति प्रदर्शन के लिए।
इस फीचर को WhatsApp के एंड्रॉइड बीटा वर्जन में कुछ चुनिंदा यूजर्स के लिए रोल आउट किया गया है। रिपोर्टों से पता चलता है कि उपयोगकर्ता अपने टैग को कभी भी बना, संपादित या हटा सकेंगे। हालांकि, ऐप की ओर से यह भी सुनिश्चित किया जा रहा है कि टैग में किसी भी प्रकार के विशेष सिंबल, लिंक या वेरिफिकेशन मार्क का उपयोग न किया जा सके। इसका मुख्य उद्देश्य फीचर के दुरुपयोग को रोकना और इसकी प्रामाणिकता बनाए रखना है।
यह नया डेवलपमेंट WhatsApp के निरंतर प्रयास को दर्शाता है कि वह अपने प्लेटफॉर्म पर संचार को और अधिक उपयोगकर्ता-अनुकूल और प्रभावी बनाए। हाल ही में iPhone उपयोगकर्ताओं के लिए मल्टी-अकाउंट फीचर की टेस्टिंग के बाद, यह एंड्रॉइड यूजर्स के लिए एक महत्वपूर्ण सुधार साबित हो सकता है, खासकर उन लोगों के लिए जो कई बड़े ग्रुप्स का हिस्सा हैं और अक्सर सदस्यों की पहचान को लेकर भ्रमित हो जाते हैं।
