मथुरा के नगला इस्लामपुर में विकास की किरण का इंतजार, ग्रामीण मूलभूत सुविधाओं से वंचित | Mathura news
उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले में विकास के दावों के बीच, कोसी क्षेत्र का नगला इस्लामपुर गांव आज भी मूलभूत सुविधाओं से कोसों दूर है। आजादी के दशकों बाद भी इस गांव के निवासी पक्की सड़कों, उचित जल निकासी और स्वच्छता जैसी बुनियादी जरूरतों के लिए संघर्ष कर रहे हैं। यह स्थिति स्थानीय प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की उदासीनता को दर्शाती है, जो Mathura news के लिए एक गंभीर चिंता का विषय है और ग्रामीणों का जीवन नारकीय बना हुआ है।
गांव में सड़कों का अभाव एक बड़ी समस्या है। जो सड़कें बनी भी हैं, वे आधी-अधूरी और कच्ची हैं, जिनमें जल निकासी के लिए नालियां नहीं बनाई गई हैं। इसके परिणामस्वरूप, सड़कों पर गंदा पानी भरा रहता है, जिससे राहगीरों, विशेषकर स्कूली बच्चों और महिलाओं को आवागमन में भारी परेशानी होती है। अक्सर लोग फिसलकर चोटिल हो जाते हैं और वाहनों का चलना भी मुश्किल हो जाता है। गंदे पानी के जमाव से उठने वाली दुर्गंध ने ग्रामीणों का जीना मुहाल कर दिया है, जिससे स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं भी पैदा हो रही हैं।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि ग्राम पंचायत स्तर पर विकास कार्यों को लेकर सौतेला व्यवहार अपनाया जा रहा है। शिकायतें कई बार समाधान दिवस में भी दर्ज कराई गई हैं, लेकिन आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीणों का आरोप है कि जनप्रतिनिधि केवल चुनाव के दौरान ही उनकी सुध लेते हैं, और चुनाव के बाद उनकी समस्याओं को सुनने वाला कोई नहीं होता। अधिकारियों की ओर से भी इन समस्याओं के समाधान में कोई रुचि नहीं दिखाई जा रही है।
करीब 450 की आबादी वाले इस गांव में लगभग सवा सौ मकान हैं, लेकिन एक भी पक्की सड़क नहीं है। सफाई कर्मचारियों की अनुपस्थिति और कूड़ा डालने के लिए डस्टबिन न होने से गांव में गंदगी का अंबार लगा रहता है। ग्रामीण प्रशासन से गुहार लगा रहे हैं कि जल्द से जल्द विकास कार्य कराए जाएं, ताकि उन्हें इस दयनीय स्थिति से मुक्ति मिल सके और Mathura news में इस गांव की स्थिति सुधरे।
