जलभराव से त्रस्त गांव, दीवारों पर लगे ‘मकान बिकाऊ’ के पोस्टर; पलायन को मजबूर वाल्मीकि समाज
हापुड़ के सिंभावली ब्लॉक के बक्सर गांव में वाल्मीकि समाज के लोग लंबे समय से जल निकासी की व्यवस्था ना होने से परेशान हैं। गली-मोहल्ले के साथ-साथ घरों में भी पानी भर जाता है। इस समस्या से तंग आकर परेशान ग्रामीणों ने अपने दरवाजों पर ‘मकान बिकाऊ’ के पोस्टर लगा दिए हैं, जबकि एक व्यक्ति तो अपना मकान बेचकर गांव से चला भी गया है।
बक्सर गांव में वाल्मीकि मोहल्ले में घरों से निकलने वाले गंदे पानी की निकासी की कोई व्यवस्था नहीं है। लंबे समय से इस परेशानी से समाज के लोग जूझ रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि कई सालों से मोहल्ले में हल्की सी बारिश होते ही जलभराव और गंदगी की परेशानी शुरू हो जाती है। मोहल्ले में लगातार गंदा पानी भरा रहने से संक्रमण फैलने का खतरा मंडरा रहा है।
मोहल्ले में रहने वाले अजय कुमार ने बताया कि ब्लॉक से लेकर तहसील तक कई बार लिखित शिकायत की गई, लेकिन कोई भी गंभीरता से नहीं लेता है। अब ग्रामीणों ने मन बना लिया है कि गांव से मकान बेचकर कहीं और ठिकाना बनाएंगे। ग्रामीणों का आरोप है कि सरकारी तालाब की भूमि पर कुछ लोगों ने अवैध कब्जा किया हुआ है, जिस कारण जल निकासी में समस्या आ रही है। उन्होंने प्रशासन से जल समस्या के समाधान की मांग की है।
ग्रामीण रामभूल ने बताया कि कई सालों से मोहल्लेवासी जलभराव की समस्या से जूझ रहे हैं। इस संबंध में कई बार शिकायत की, लेकिन कोई भी समाधान नहीं हो पाया है। समाज का एक व्यक्ति मकान बेचकर चला गया है। नरेंद्र कुमार, एक अन्य ग्रामीण, ने आरोप लगाया कि एक ही समाज का मोहल्ला होने के कारण ग्राम प्रधान और ब्लॉक के अधिकारी कोई भी समाधान कराने में दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं। इसलिए ग्रामीण मजबूरी में नरकीय जीवन जीने को मजबूर हैं।
