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तमिलनाडु की राजनीति में विजय की नई चाल: क्या यह स्क्रिप्टेड है या सिर्फ एक दिखावा?

By Dec 18, 2025

तमिलनाडु की राजनीति में अभिनेता से नेता बने विजय की इरोड में हुई सभा ने हलचल मचा दी है। यह सिर्फ एक जनसंपर्क यात्रा का हिस्सा नहीं था, बल्कि विजय के राजनीतिक करियर में एक महत्वपूर्ण मोड़ माना जा रहा है। पूर्व AIADMK नेता के. के. सेंगोोट्टियान की रणनीति इस बार साफ नजर आई, जिन्होंने पूरी सभा को एक किले की तरह तैयार किया था।

इरोड में विजय का भाषण पिछले प्रदर्शनों से काफी अलग था। जहां पहले उनके भाषण छोटे और केवल स्टारडम पर आधारित होते थे, वहीं इस बार उन्होंने 30 मिनट तक स्थानीय मुद्दों पर बात की। उन्होंने इरोड की कपड़ा उद्योग से जुड़ी समस्याओं का जिक्र किया, जिससे यह संकेत मिला कि वे अब सिर्फ स्क्रिप्ट पढ़कर नहीं सुना रहे, बल्कि जमीनी हकीकत को समझ रहे हैं। सेंगोोट्टियान की लॉजिस्टिक्स और जनसमूह को जुटाने की दशकों की विशेषज्ञता विजय के लिए फायदेमंद साबित हुई।

इस सभा में विजय ने पेरियार EV रामासामी नायकर का भी जिक्र किया। उन्होंने अपनी पार्टी को ‘शुद्ध शक्ति’ (Thuya Sakthi) बताते हुए पेरियार को अपना मार्गदर्शक कहा। हालांकि, यह कदम विवादास्पद हो सकता है, क्योंकि पेरियार स्वयं सिनेमा और अभिनेताओं को जनता को गुमराह करने का माध्यम मानते थे। विजय के लिए यह एक विरोधाभासी स्थिति पैदा कर सकता है, क्योंकि वे खुद एक फिल्म स्टार हैं।

दूसरी ओर, सत्ताधारी DMK पर भी सवाल उठ रहे हैं। हाल ही में मंत्री E.V. वेलू ने उप मुख्यमंत्री उदयनिधि स्टालिन को ‘इलम पेरियार’ (युवा पेरियार) कहा था। इस तुलना को लेकर भी राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हैं।

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