वाराणसी में ‘Varanasi cold wave’ का कहर, शिमला से भी ठंडा रहा बनारस; जनजीवन अस्त-व्यस्त
वाराणसी में कड़ाके की ठंड ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। लगातार तीसरे दिन घना कोहरा छाए रहने के कारण शहर में ‘अति शीत दिवस’ की स्थिति बनी हुई है। आलम यह है कि बनारस का अधिकतम तापमान शिमला, सिलीगुड़ी और कटरा जैसे पहाड़ी इलाकों से भी नीचे दर्ज किया गया। घने कोहरे और बर्फीली हवाओं के कारण आवागमन भी बाधित हुआ है। कई ट्रेनें रद्द कर दी गईं और विमान सेवाओं में भी देरी हुई, जिससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
मौसम विभाग के अनुसार, जमीनी सतह से कुछ ऊंचाई पर कोहरे की सघन परत जम गई है, जिसके कारण सूरज की रोशनी जमीन तक नहीं पहुंच पा रही है। शनिवार को अधिकतम तापमान सामान्य से 6.5 डिग्री सेल्सियस नीचे 17.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। सुबह के समय दृश्यता 200 मीटर तक गिर गई थी। उत्तरी-पश्चिमी बर्फीली हवाओं ने ठंड को और बढ़ा दिया, जिससे गलन महसूस हुई।
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के वरिष्ठ मौसम विज्ञानी डॉ. अतुल कुमार सिंह ने बताया कि सोमवार से मौसम में थोड़ा सुधार हो सकता है। हालांकि, बीएचयू के मौसम विज्ञानी प्रो. मनोज कुमार श्रीवास्तव ने रविवार को तापमान में और गिरावट आने की आशंका जताई है। उन्होंने कहा कि 23 दिसंबर के बाद तापमान में हल्की वृद्धि होगी, लेकिन 25 दिसंबर से एक और पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से ठंड और कोहरे की सघनता बढ़ सकती है।
