विनायक चतुर्थी 2025: आज करें गणपति की पूजा, जानें शुभ-अशुभ मुहूर्त
24 नवंबर 2025, सोमवार को मार्गशीर्ष माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि है, जिसे विनायक चतुर्थी के रूप में मनाया जा रहा है। यह दिन भगवान गणेश की आराधना के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन विधि-विधान से गणपति बप्पा की पूजा करने से जीवन की सभी बाधाएं दूर होती हैं और सुख-समृद्धि का आगमन होता है।
ज्योतिषियों के अनुसार, आज का पंचांग बताता है कि विनायक चतुर्थी का पर्व पूरे दिन मनाया जाएगा। चतुर्थी तिथि रात 09 बजकर 22 मिनट तक रहेगी। इस विशेष अवसर पर भगवान गणेश को प्रसन्न करने के लिए विशेष उपाय किए जा सकते हैं। गणेश जी की पूजा में दूर्वा, मोदक और लाल फूल विशेष रूप से अर्पित किए जाते हैं।
आज का पंचांग सूर्योदय प्रातः 06 बजकर 51 मिनट पर और सूर्यास्त सायं 05 बजकर 25 मिनट पर होगा। चंद्रोदय प्रातः 10 बजकर 19 मिनट पर और चंद्रास्त रात 08 बजकर 34 मिनट पर होगा। सूर्य वृश्चिक राशि में और चंद्रमा धनु राशि में गोचर करेंगे।
शुभ कार्यों के लिए अभिजीत मुहूर्त प्रातः 11 बजकर 47 मिनट से दोपहर 12 बजकर 29 मिनट तक रहेगा। इसके अतिरिक्त, सायं 04 बजकर 36 मिनट से सायं 06 बजकर 22 बजे तक अमृत काल रहेगा, जो पूजा-पाठ के लिए उत्तम समय है।
हालांकि, कुछ अशुभ योगों का भी ध्यान रखना आवश्यक है। राहुकाल प्रातः 08 बजकर 10 मिनट से प्रातः 09 बजकर 29 मिनट तक रहेगा, इस दौरान किसी भी शुभ कार्य से बचना चाहिए। इसी प्रकार, गुलिकाल दोपहर 01 बजकर 27 मिनट से दोपहर 02 बजकर 46 मिनट तक और यमगण्ड प्रातः 10 बजकर 49 मिनट से दोपहर 12 बजकर 08 मिनट तक रहेगा।
विनायक चतुर्थी के दिन किए गए दान का विशेष महत्व होता है। इस दिन जरूरतमंदों को अन्न, वस्त्र या धन का दान करने से गणेश जी की कृपा प्राप्त होती है और पुण्य लाभ मिलता है। यह पर्व सभी विघ्नों को हरने वाले भगवान गणेश की भक्ति और कृपा पाने का एक अनुपम अवसर है।
