विक्रमशिला सेतु पर CCTV से होगी निगरानी, ओवरलोडिंग पर लगेगा 10 हजार का जुर्माना
भागलपुर में लगातार बढ़ रही ट्रैफिक जाम की समस्या पर जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में खगड़िया–कुर्सेला पथ, विक्रमशिला सेतु तथा कहलगांव-भागलपुर पथ पर विगत दिनों से लग रहे जाम की स्थिति की गहन समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि ट्रैफिक जाम को केवल तात्कालिक रूप से नहीं, बल्कि स्थायी रूप से समाप्त करना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
इस दिशा में कड़े कदम उठाते हुए, जिलाधिकारी ने जिला परिवहन पदाधिकारी को निर्देश दिया है कि विक्रमशिला सेतु पर ओवरलोडिंग को सख्ती से रोका जाए। इसके लिए सेतु से एक से दो किलोमीटर पहले ही भारी वाहनों की ओवरलोडिंग की जांच सुनिश्चित की जाएगी। जो वाहन चालक सेतु पर ओवरटेक करते पाए जाएंगे, उन पर न केवल भारी जुर्माना लगाया जाएगा, बल्कि उनके ड्राइविंग लाइसेंस को भी निरस्त करने की कार्रवाई की जाएगी।
सेतु पर यात्रियों की सुरक्षा और सुचारू यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए जगह-जगह ‘आप सीसीटीवी कैमरे की निगरानी में हैं। ओवरटेकिंग करने पर आप पर जुर्माना लगाया जाएगा तथा आपका ड्राइविंग लाइसेंस निरस्त किया जा सकता है’ जैसे साइन बोर्ड लगाए जाएंगे। ओवरलोडिंग करने वाले वाहनों के लिए 10 हजार रुपये का जुर्माना निर्धारित किया गया है। इसके अतिरिक्त, जिला परिवहन पदाधिकारी को बस यूनियन के साथ वार्ता कर एक सहमति पत्र तैयार करने का निर्देश दिया गया है, ताकि सभी पक्ष यातायात नियमों के पालन पर सहमत हों।
बैठक में एनटीपीसी को सीसीटीवी कैमरे लगाने में सहयोग करने का आग्रह किया गया है। साथ ही, राष्ट्रीय उच्च पथ-80 के कार्यपालक अभियंता को विक्रमशिला पुल के दोनों छोर पर क्रेन की स्थायी व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि ब्रेकडाउन होने वाले वाहनों को शीघ्र हटाया जा सके। इसके लिए तीन शिफ्टों में ड्राइवरों की तैनाती सुनिश्चित की जाएगी और उनके संपर्क नंबर संबंधित पदाधिकारियों के साथ साझा किए जाएंगे, ताकि आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई हो सके। इस बैठक में नवगछिया एसएसपी, सिटी एसपी, डीडीसी, नगर आयुक्त, जिला परिवहन पदाधिकारी और पथ निर्माण विभाग के अधिकारी सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।
