वेतन-पेंशन विसंगति: लेखपालों ने किया कामकाज का बहिष्कार, ठप रहे सरकारी कार्य
आगरा: अपनी विभिन्न लंबित मांगों को लेकर जिलेभर के लेखपालों ने शनिवार को कार्य बहिष्कार करते हुए तहसील सदर में धरना दिया। सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक चले इस प्रदर्शन के दौरान लेखपालों ने सरकारी कामकाज पूरी तरह ठप रखा और संपूर्ण समाधान दिवस में भी शामिल नहीं हुए। लेखपालों ने अपनी मांगों के संबंध में एडीएम सिटी यमुनाधर चौहान को एक ज्ञापन भी सौंपा।
लेखपालों की मुख्य मांगों में वेतन और पेंशन विसंगति को दूर करना, पदनाम परिवर्तन, मानदेय में वृद्धि और 2800 ग्रेड पे लागू करना शामिल है। इसके अतिरिक्त, पदोन्नति संबंधी विसंगतियों को दूर करने और जनसंख्या के अनुरूप लेखपाल क्षेत्रों का नए सिरे से परिसीमन करने की मांग भी लंबे समय से लंबित है, जो वर्ष 2016 से चली आ रही है। लेखपालों का कहना है कि उनके भत्तों में भी बढ़ोतरी नहीं की जा रही है, जिससे उन्हें आर्थिक समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
विरोध प्रदर्शन में शामिल लेखपालों ने आरोप लगाया कि सरकार उनके साथ छल कर रही है और उनकी जायज मांगों को लगातार अनसुना किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि उनकी मांगों को लेकर पूर्व में लखनऊ में भी प्रदर्शन किए जा चुके हैं, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इस कार्य बहिष्कार के कारण संपूर्ण समाधान दिवस के कार्य प्रभावित हुए, जिससे आम जनता को परेशानी का सामना करना पड़ा। सूत्रों के अनुसार, नैनीताल जैसे अन्य जिलों में भी लेखपालों के कार्य बहिष्कार से पीएम किसान निधि और दाखिल खारिज जैसे महत्वपूर्ण कार्य रुके हुए हैं।
लेखपाल संघ ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र ध्यान नहीं दिया गया और दमनकारी कार्रवाई बंद नहीं की गई तो वे बड़े आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। सुलतानपुर में भी लेखपाल संघ ने 15 नवंबर से आंदोलन की घोषणा की है। इस मौके पर कई लेखपाल पदाधिकारियों ने एडीएम सिटी को ज्ञापन सौंपते हुए अपनी मांगों को तत्काल पूरा करने की अपील की। उनका कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया जाता, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।
दिल्ली धमाके के बाद आगरा में हाई अलर्ट: पाकिस्तानियों के सत्यापन, ट्रैवल हिस्ट्री की जांच
आगरा में 10 करोड़ से संवरेगा बुद्धा पार्क, लगेगी 20 फीट ऊंची बुद्ध प्रतिमा
आगरा के रामलीला पार्क में प्रवेश शुल्क पर घमासान: मुफ्त एंट्री के बावजूद लौट रहे लोग
आगरा विश्वविद्यालय: अतिथि प्रवक्ता पर छात्राओं को गंदे मैसेज भेजने का आरोप, प्रवेश पर प्रतिबंध
आगरा में जहरीली हुई हवा, AQI 423 पार: स्वास्थ्य पर गहरा संकट
