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वेतन आश्वासन पर टली पलवल में सफाई कर्मियों की हड़ताल, कूड़ा निस्तारण आंशिक

By Nov 30, 2025

पलवल शहर पर मंडरा रहा सफाई का संकट फिलहाल टल गया है। नगर पालिका अधिकारियों द्वारा वेतन भुगतान के आश्वासन के बाद सफाई कर्मचारियों ने अपनी हड़ताल वापस ले ली है। निजी कंपनी, भारतीय एचआर सेल्यूशन, ने पांच दिसंबर तक कर्मचारियों को बकाया वेतन देने का वादा किया है। इस वादे के बाद, शहर में डोर-टू-डोर कूड़ा उठाने वाली गाड़ियां फिर से निकलीं, लेकिन काम आंशिक ही हो सका।

जानकारी के अनुसार, शहर के 31 वार्डों में से लगभग आधे वार्डों में ही कूड़ा उठाने का कार्य संतोषजनक ढंग से हो पाया। दोपहर तीन बजे तक केवल 43 प्रतिशत कूड़ा कलेक्शन की पुष्टि हुई। यह स्थिति तब है जब पांच दिनों की हड़ताल के बाद शहर की गलियों और सड़कों पर कूड़े के बड़े-बड़े ढेर लग गए थे, जिससे निवासियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा था।

बीते बृहस्पतिवार को दो महीने से वेतन न मिलने से परेशान सफाई कर्मियों ने हड़ताल शुरू कर दी थी, जिससे शहर में कूड़ा उठाने का काम पूरी तरह ठप हो गया था। शनिवार को कंपनी के अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच हुई बैठक में पांच दिसंबर तक वेतन भुगतान का आश्वासन दिया गया। इस पर कर्मचारियों ने सहमति जताते हुए हड़ताल को पांच दिसंबर तक के लिए टाल दिया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित तिथि तक वेतन का भुगतान नहीं हुआ तो वे पुनः हड़ताल पर चले जाएंगे।

हड़ताल के कारण तीन दिनों में शहर के विभिन्न इलाकों में कूड़े के ढेर जमा हो गए थे। शिव कॉलोनी की निवासी शीला देवी, सावित्री देवी और लच्छो देवी ने बताया कि दो दिन से कूड़ा गाड़ी नहीं आई है और उनके डस्टबिन भरे हुए हैं। कई महिलाएं तो सुबह उठकर रेलवे रोड स्थित खते पर कूड़ा फेंकने को मजबूर हुईं। सोहना रोड, कृष्णा कॉलोनी, देव नगर, शेखपुरा, आदर्श कॉलोनी, न्यू कॉलोनी सहित कई अन्य मोहल्लों में भी कूड़े के ढेर लगने से लोग परेशान दिखे।

कूड़ा उठाने वाली कंपनी के पास इस समय 38 गाड़ियां हैं, जिनमें से केवल 28 ही रविवार को परिचालन में थीं। दस टिपर कूड़ा उठाने के लिए नहीं निकले, जिससे कई वार्डों में गाड़ियां नहीं पहुंच सकीं और सड़कों पर कूड़ा नजर आया।

कंपनी के प्रतिनिधि सचिन ने बताया कि नगर परिषद की ओर से एजेंसी को टेंडर मिलने के बाद से एक भी पैसा नहीं मिला है। कंपनी ने अब तक जैसे-तैसे कर्मचारियों का भुगतान किया है, लेकिन अब वित्तीय स्थिति ठीक नहीं है। एजेंसी नगर परिषद से करीब आठ से दस करोड़ रुपये की बकाया राशि की मांग कर रही है। पैसे न मिलने के कारण कर्मचारियों को भुगतान करना कंपनी के लिए बड़ी चुनौती बन गया है।

इस मामले में नगर परिषद के एक्सइएन मनोज कुमार ने बताया कि कंपनी का भुगतान तकनीकी कारणों से रुका हुआ था। राशि जारी कर दी गई है और एक-दो दिन में कंपनी को भुगतान कर दिया जाएगा।

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