वाराणसी में पुरुषों को मुख कैंसर का बड़ा खतरा, हर 36 में एक प्रभावित
महामना पंडित मदन मोहन मालवीय कैंसर केंद्र एवं होमी भाभा कैंसर अस्पताल द्वारा जारी की गई पॉपुलेशन बेस्ड कैंसर रजिस्ट्री (पी.बी.सी.आर.) रिपोर्ट 2020-21 ने वाराणसी जिले में कैंसर की भयावहता को उजागर किया है। इस रिपोर्ट के अनुसार, जिले में हर 36 पुरुषों में से एक मुख के कैंसर से पीड़ित होने के जोखिम में है। यह दर पुरुषों में पाए जाने वाले सबसे सामान्य कैंसरों में से एक है।
रिपोर्ट के विश्लेषण से पता चला है कि इस उच्च दर का मुख्य कारण तंबाकू और इससे बने उत्पादों का व्यापक सेवन है। पुरुषों में होने वाले 51.2 प्रतिशत कैंसर सीधे तौर पर तंबाकू के उपयोग से जुड़े हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि तंबाकू के सेवन को पूरी तरह से बंद करके इस बीमारी को काफी हद तक रोका जा सकता है।
महिलाओं में, स्तन कैंसर सबसे आम पाया गया है, जिसमें हर 76 महिलाओं में से एक इसके जोखिम का सामना कर रही है। इसके अतिरिक्त, पुरुषों में मुख, जीभ और पित्ताशय की थैली के कैंसर प्रमुख हैं, जबकि महिलाओं में स्तन, पित्ताशय की थैली और गर्भाशय के कैंसर की दरें अधिक हैं।
यह रिपोर्ट वाराणसी जिले की लगभग 41 लाख की आबादी, 1295 गांवों और 90 नगर निकाय वार्डों को कवर करती है। ग्रामीण क्षेत्रों से प्राप्त 57 प्रतिशत आंकड़े इस बात की ओर इशारा करते हैं कि शहरी क्षेत्रों के साथ-साथ ग्रामीण इलाकों में भी कैंसर की चुनौती तेजी से बढ़ रही है। यह स्थिति ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं के लिए एक गंभीर चिंता का विषय है।
कैंसर पंजीकरण टीमों द्वारा लगातार फील्ड विजिट कर जुटाए गए डेटा के वैज्ञानिक विश्लेषण से कैंसर के पैटर्न को बेहतर ढंग से समझने में मदद मिली है। यह रिपोर्ट न केवल उपचार सेवाओं को मजबूत बनाने में सहायक है, बल्कि जन-जागरूकता बढ़ाने और लोगों को समय पर उपचार के लिए प्रेरित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इस प्रकार की रिपोर्टिंग से कैंसर के दबाव को समझने और प्रभावी रोकथाम व उपचार योजनाएं बनाने में मदद मिलती है।
