आवारा कुत्तों से जान बचाती सांभर की पेट्रोल पंप पर टकराकर दर्दनाक मौत
रूपनगर: नंगल शहर में एक बेहद दुखद घटना सामने आई है, जहाँ आवारा कुत्तों के झुंड से अपनी जान बचाने की कोशिश कर रही एक मादा सांभर की पेट्रोल पंप के टफन ग्लास से टकराने के कारण मौत हो गई। इस घटना ने एक बार फिर वन्यजीवों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन की तैयारियों पर प्रश्नचिन्ह लगा दिया है।
जानकारी के अनुसार, यह मादा सांभर नंगल ट्रक यूनियन के पास पहुंची, जहाँ अचानक आवारा कुत्तों के एक झुंड ने उस पर हमला कर दिया। घबराकर अपनी जान बचाने के लिए सांभर ने भागने का प्रयास किया और तेजी से दौड़ते हुए पास के एक पेट्रोल पंप में घुसने की कोशिश की। इसी दौरान, वह पेट्रोल पंप के प्रवेश द्वार पर लगे मजबूत टफन ग्लास से इतनी जोर से टकराई कि उसे गंभीर चोटें आईं। भारी रक्तस्राव और चोटों की गंभीरता के कारण सांभर की मौके पर ही मौत हो गई।
पेट्रोल पंप के कर्मचारियों ने तुरंत वन्य प्राणी विभाग को घटना की सूचना दी। विभाग की टीम मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक सांभर की जान जा चुकी थी। वन्य प्राणी विभाग के स्थानीय ब्लॉक अधिकारी ने बताया कि पोस्टमार्टम के बाद सांभर के शव का नियमानुसार अंतिम संस्कार कर दिया गया है। उन्होंने स्वीकार किया कि विभाग के पास मैनपावर और वाहनों की कमी जैसी चुनौतियां हैं, लेकिन कर्मचारी पूरी क्षमता से काम कर रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि जैसे ही संसाधन उपलब्ध होंगे, गश्त और निगरानी को और मजबूत किया जाएगा। शिकारियों के खतरे के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि विभाग के पास हथियार नहीं होते, जबकि शिकारी अक्सर हथियारों से लैस होते हैं, फिर भी रात में गश्त जारी रहती है।
इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि जंगली जानवरों को शहरी इलाकों में प्रवेश करने से रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं। लोगों का कहना है कि शहर के बाहरी इलाकों में मजबूत बैरियर लगाए जाने चाहिए और आवारा कुत्तों की समस्या पर भी नियंत्रण पाया जाना चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी दर्दनाक घटनाएं न हों। यह घटना वन्यजीवों के संरक्षण और मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने की तत्काल आवश्यकता को रेखांकित करती है।
