आवारा गोवंश: रेवाड़ी में सड़कों पर आतंक, किसानों की चिंता, प्रशासन की निष्क्रियता
रेवाड़ी में आवारा गोवंश की समस्या एक गंभीर चिंता का विषय बन गई है, जिससे स्थानीय निवासियों और किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सड़कों पर इन गोवंशों की मौजूदगी न केवल यातायात को बाधित करती है, बल्कि दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ाती है।
डहीना बस स्टॉप पर गोवंशों के सड़क के बीचों-बीच घूमने से सुबह और शाम के व्यस्त समय में ट्रैफिक जाम की स्थिति पैदा हो जाती है, जिससे आम जनता की सुरक्षा पर सवाल उठते हैं। सूत्रों के अनुसार, उपायुक्त द्वारा इस समस्या के समाधान के लिए संबंधित विभाग को पहले ही कार्रवाई के निर्देश दिए जा चुके हैं, लेकिन स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ है।
किसानों का कहना है कि आवारा गोवंश उनके खेतों में घुसकर फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं, जिससे उनकी मेहनत पर पानी फिर रहा है। स्थानीय किसान कृष्ण कुमार, संजू पूर्व पंच डहीना, सत्यनारायण जैनाबाद, प्रदीप जैनाबाद, सुनील वकील, जयभगवान जैनाबाद और राज सिंह जैनाबाद ने बताया कि अगर जल्द ही इस समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो उन्हें भारी नुकसान होगा।
किसानों ने प्रशासन से तत्काल प्रभाव से गोवंशों को सुरक्षित गौशालाओं में भेजने और उनकी निगरानी के लिए एक विशेष टीम गठित करने की मांग की है।
यह समस्या केवल रेवाड़ी तक ही सीमित नहीं है। हाल ही में, कौशांबी में एक सांड के हमले में एक वृद्ध की मृत्यु हो गई, जिससे गांव में दहशत का माहौल बन गया। इसी तरह, दीपावली की छुट्टी के बाद कानपुर से दिल्ली जा रहे एक बैंक मैनेजर की सांड़ से बाइक टकराने से मौत हो गई। हमीरपुर में दो सांडों की लड़ाई में एक महिला की जान चली गई, जो दीपावली की खरीदारी के लिए बाजार गई थी।
अखिलेश यादव ने अलीगढ़ की घटना का उल्लेख करते हुए योगी सरकार पर निशाना साधा और कहा कि ‘अब सांड-राज का अंत होना चाहिए’।
यह स्पष्ट है कि आवारा गोवंश की समस्या एक गंभीर मुद्दा है, जिस पर तत्काल ध्यान देने की आवश्यकता है। प्रशासन को इस दिशा में ठोस कदम उठाने चाहिए ताकि आम जनता को सुरक्षित माहौल मिल सके और किसानों को अपनी फसलों का नुकसान होने से बचाया जा सके।
