UP में मौसम का मिजाज: शीतलहर से राहत, कोहरे की दस्तक, जानें अपने शहर का हाल
उत्तर प्रदेश में मौसम का मिजाज बदल रहा है, जिससे सर्दी का प्रकोप धीरे-धीरे बढ़ रहा है। रात में शीतलहर से थोड़ी राहत मिली है, लेकिन अब कोहरा परेशानी बढ़ा सकता है। मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में ठंड बढ़ने की संभावना है। इटावा प्रदेश का सबसे ठंडा शहर रहा, जहाँ तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। कोहरे के कारण यातायात भी प्रभावित हो रहा है, जिससे लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
मौसम विभाग के सूत्रों के अनुसार, हवा के बदलाव के कारण तापमान में वृद्धि हो रही है, जिससे रात में चलने वाली शीत लहर अब समाप्त हो गई है। कानपुर और आसपास के क्षेत्रों में कोई भी विशेष मौसमी बदलाव नहीं है। पश्चिमी हिमालय क्षेत्रों से आने वाली ठंडी और शुष्क हवाएँ अब औरेया तक ही अपना असर दिखा रही हैं, जबकि पूरब से आ रही हवा का असर कानपुर में बना हुआ है। राजधानी में दिन में धूप और शाम को ठंडी हवा का अनुमान है।
मौसम विशेषज्ञ डॉ. एसएन सुनील पांडेय के अनुसार, दोनों तरफ से आ रही हवाओं के टकराव के कारण कानपुर मंडल में मौसम में उतार-चढ़ाव की स्थिति बनी हुई है, लेकिन आंशिक शीत लहर अब पूरी तरह से समाप्त हो गई है। अब दिन और रात दोनों के तापमान में वृद्धि होने की संभावना है। सुबह के समय धुंध के साथ कहीं-कहीं हल्का से मध्यम कोहरा पड़ सकता है। मंगलवार को शहर का अधिकतम तापमान 29 डिग्री और न्यूनतम तापमान 9.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हवा की औसत गति 1.1 से 1.7 किलोमीटर प्रति घंटा रही।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, आगामी दो दिनों में तापमान में अधिक बदलाव की संभावना नहीं है। सुबह के समय धुंध रह सकती है, जबकि दोपहर में धूप निकलने की संभावना है। 21 नवंबर से अधिकतम और न्यूनतम तापमान में एक डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की जा सकती है। मंगलवार सुबह बाहरी क्षेत्रों में हल्की धुंध के साथ ठंड का अहसास हुआ। गोरखपुर में बुधवार सुबह हल्की धुंध रहेगी, दिन में मौसम साफ रहेगा और ठंड बढ़ेगी। देवरिया और बस्ती में भी मौसम साफ रहने और ठंड बढ़ने का पूर्वानुमान है। बरेली जिले में मौसम में लगातार परिवर्तन हो रहा है, सुबह-शाम ठंड बरकरार है। मुरादाबाद और आसपास के क्षेत्रों में सुबह हल्का कोहरा छाया रहेगा और धूप निकलने का अनुमान है।
मौसम विभाग ने लोगों को ठंड के लिए तैयार रहने की सलाह दी है।
