फैक्ट्री में कैंटर कैबिन में फूफा-भतीजे की मौत, अंगीठी की जहरीली गैस बनी वजह | punjab crime news
माछीवाड़ा के गांव भट्टियां में एक फैक्ट्री के कैंटर कैबिन में दो युवकों के शव संदिग्ध हालत में मिले हैं। ठंड से बचने के लिए कैबिन में कोयले की अंगीठी जलाई गई थी, जिससे निकली जहरीली गैस के कारण दोनों का दम घुट गया और उनकी मौत हो गई। यह दुखद घटना इस बात पर प्रकाश डालती है कि कैसे ठंड से बचाव के लिए की गई छोटी सी चूक भी जानलेवा साबित हो सकती है।
मृतकों की पहचान कैंटर ड्राइवर छोटू (उत्तर प्रदेश) और उसके साथी श्री भगवान (राजस्थान) के रूप में हुई है, जो रिश्ते में फूफा-भतीजा लगते थे। फैक्ट्री के सुरक्षा पर्यवेक्षक ने बताया कि यह कैंटर तेल लेने आया था और खाना खाने के बाद दोनों कैबिन में सो गए थे। सुबह जब वे मृत पाए गए तो पुलिस को सूचित किया गया।
प्रारंभिक जांच में पुलिस को भी यही आशंका है कि अंगीठी से निकली कार्बन मोनोऑक्साइड गैस के कारण उनकी मौत हुई। फोरेंसिक टीम को मौके पर बुलाया गया है जो मौत के असली कारणों का पता लगाएगी। दोनों युवकों के परिवारों को सूचित कर दिया गया है और वे माछीवाड़ा पहुंच रहे हैं। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
इस घटना ने दोनों परिवारों पर दुखों का पहाड़ तोड़ दिया है। मृतक श्री भगवान की डेढ़ साल पहले शादी हुई थी और उसका परिवार अब गहरे सदमे में है। वहीं, ड्राइवर छोटू अपने परिवार का इकलौता कमाने वाला था, जिसके पिता की पहले ही मृत्यु हो चुकी थी। उसकी पत्नी और दो छोटे बच्चों के सिर से पिता का साया उठ गया है, जबकि उसका एक भाई भी दिव्यांग है और छोटू की कमाई पर ही निर्भर था।
