नाटो सदस्यता पर यूक्रेन का यू-टर्न, डोनबास मसले पर भी समझौते के आसार; क्या थम जाएगा युद्ध?
जर्मनी की राजधानी बर्लिन में यूक्रेन युद्ध को खत्म कराने के लिए अमेरिकी प्रतिनिधियों से यूरोप की वार्ता जारी है। बैठक में शामिल होने के लिए फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों बर्लिन पहुंच गए हैं। बैठक में ब्रिटेन, इटली, नीदरलैंड्स, पोलैंड, स्वीडन के नेता, ईयू कमीशन की प्रमुख उर्सला वान डेर लिएन और नाटो के महासचिव मार्क रूट भी शामिल हो सकते हैं।
इससे पहले रविवार को पांच घंटे की अनौपचारिक बैठक में अमेरिकी राष्ट्रपति के दूत स्टीव विटकाफ और दामाद जेरेड कुशनर ने यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की जेलेंस्की के साथ कई मसलों पर वार्ता की थी। सोमवार को जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज की मौजूदगी में जेलेंस्की की अमेरिकी वार्ताकारों से चर्चा जारी है। दो दिन की बैठकों में हुई चर्चा को अमेरिका ने बहुत प्रगतिशील बताया है।
रविवार की बैठक में जेलेंस्की ने साफ कर दिया था कि यूक्रेन सैन्य गठबंधन नाटो में शामिल होने की इच्छा को छोड़ने के लिए तैयार है। लेकिन बदले में उसे अमेरिका समेत सहयोगी पश्चिमी देशों की ओर से सुरक्षा गारंटी चाहिए। इस सुरक्षा गारंटी के तहत जेलेंस्की यूक्रेन में सहयोगी देशों के सैनिकों की तैनाती चाहते हैं। फिलहाल रूस इसके लिए तैयार नहीं है। लेकिन रूस ने यूक्रेन के नाटो की सदस्यता की इच्छा छोड़ने पर सकारात्मक रुख दिखाया है। कहा कि यह युद्ध का मूल कारण था।
वार्ता में जेलेंस्की ने यूक्रेन के डोनेस्क और लुहांस्क प्रांतों (डोनबास) से अपनी सेना को वापस बुलाने से इन्कार कर दिया है। लेकिन डोनबास के 90 प्रतिशत इलाके पर रूसी सेना कब्जा कर चुकी है। जेलेंस्की मौजूदा कब्जे वाली स्थितियों पर समझौते करने पर सहमत नजर आ रहे हैं। ऐसे में जेलेंस्की की बात को मानने के लिए रूस तैयार हो सकता है।
इस बीच यूक्रेन ने कहा है कि उसकी खुफिया एजेंसी एसबीयू ने रूस के नोवोरोसिस्क बंदरगाह के निकट समुद्र में एक रूसी पनडुब्बी पर सी ड्रोन से हमला कर उसे भारी नुकसान पहुंचाया है। बर्लिन में रूस-यूक्रेन युद्ध रुकवाने के लिए वार्ता तब हुई है जब इसी सप्ताह यूरोपीय संघ (ईयू) के 27 सदस्य देशों के नेता ब्रसेल्स में रूस की फ्रीज की 250 अरब डालर की संपत्ति की गारंटी से यूक्रेन को कर्ज देने पर निर्णय लेंगे।
