एटा में हार्ट अटैक से दो की मौत, सर्दियों में सांस की तकलीफ के 10 मरीज भर्ती
एटा में मौसम के उतार-चढ़ाव ने लोगों की सेहत पर गहरा असर डाला है। सुबह-शाम की कड़ाके की ठंड और दिन में तापमान में वृद्धि के कारण हृदय और श्वसन संबंधी बीमारियों के मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है। पिछले 24 घंटों में, दो व्यक्तियों की हार्ट अटैक से दुखद मृत्यु हो गई। इसके अतिरिक्त, सांस लेने में कठिनाई, सीने में जकड़न और बेचैनी की शिकायत के साथ 10 नए मरीजों को मेडिकल कॉलेज के आपातकालीन विभाग में भर्ती कराया गया है।
बढ़ रहा हृदय और श्वसन रोगों का खतरा
डॉक्टरों के अनुसार, अचानक तापमान में बदलाव से ब्लड प्रेशर अनियंत्रित हो रहा है, जिससे हार्ट अटैक का खतरा बढ़ गया है। सांस लेने में परेशानी भी बढ़ी है। ऐसे में हृदय और फेफड़ों के मरीजों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। सुबह और शाम की सर्द हवाएं शरीर पर अतिरिक्त दबाव डालती हैं, जबकि दिन की धूप के बाद अचानक ठंड लगने से शरीर का तापमान संतुलन बिगड़ जाता है, जिसका सीधा असर हृदय और श्वसन तंत्र पर पड़ता है। यह स्थिति विशेष रूप से बुजुर्गों के लिए चिंताजनक है, हालांकि मध्यम आयु वर्ग के कुछ लोग भी प्रभावित हुए हैं।
