ट्रम्प की धमकी: ‘ईरान की सभ्यता खत्म हो जाएगी’, इजराइल ने किए बड़े हमले; ‘Iran conflict’ गहराया
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान को एक बार फिर बड़ी धमकी दी है। उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा कि अगर ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने पर सहमत नहीं होता है, तो ‘आज रात एक पूरी सभ्यता खत्म हो जाएगी, जिसे फिर कभी वापस नहीं लाया जा सकेगा।’ ट्रम्प ने ट्रम्प ने दावा किया कि दुनिया आज इतिहास के सबसे अहम पल की गवाह बनेगी, जहां 47 सालों की ज्यादती और भ्रष्टाचार का सिलसिला खत्म होगा।
ट्रम्प की यह धमकी ऐसे समय में आई है जब इजराइल ने ईरान के प्रमुख इन्फ्रास्ट्रक्चर पर बड़े हवाई हमले किए हैं। इजराइली वायु सेना ने ईरान में करीब 10 महत्वपूर्ण रेल लाइनों और पुलों को निशाना बनाया है। इन हमलों का मकसद इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) को हथियार और सैन्य सामान एक जगह से दूसरी जगह ले जाने से रोकना था। हमलों से पहले इजराइल ने ईरान के लोगों को ट्रेनों से दूर रहने की चेतावनी भी दी थी।
हमलों का सबसे बड़ा निशाना खार्ग आइलैंड पर स्थित ऑयल टर्मिनल था, जहां से ईरान का 80 से 90% कच्चा तेल निर्यात होता है। इसके अलावा, कोम और कशान में भी पुलों को निशाना बनाया गया। काशान के पास यहयाबाद रेलवे पुल पर हुए हमले में 2 लोगों की मौत हो गई और 3 लोग घायल हुए।
इस बीच, होर्मुज स्ट्रेट की नाकेबंदी के कारण पैदा हुआ तेल और गैस संकट गंभीर हो गया है। इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी (IEA) के प्रमुख फातिह बिरोल ने चेतावनी दी है कि यह संकट 1973, 1979 और 2022 के ऊर्जा संकटों से भी बड़ा है। उन्होंने कहा कि इसका सबसे ज्यादा असर विकासशील देशों पर पड़ेगा, जहां तेल और गैस की कीमतें बढ़ने से महंगाई तेजी से बढ़ेगी। ट्रम्प की धमकी के बाद कच्चे तेल की कीमतें 110 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गई हैं।
कतर ने मध्य-पूर्व की स्थिति को लेकर चेतावनी दी है कि हालात ऐसे मोड़ पर पहुंच गए हैं, जहां वे काबू से बाहर जा सकते हैं। कतर के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने सभी पक्षों से अपील की है कि वे तनाव को और बिगड़ने से पहले युद्ध का समाधान निकालें। कतर ने यह भी स्पष्ट किया कि वह फिलहाल अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थता की भूमिका नहीं निभा रहा है।
