फर्जी ट्रक नंबरों से टोल चोरी: दो महीने में 8 करोड़ से अधिक के राजस्व का नुकसान, UP पुलिस ने दर्ज किया केस
उत्तर प्रदेश में गिट्टी, बालू और मौरंग लदे ट्रकों को फर्जी नंबर प्लेटों से टोल प्लाजा पार कराने का एक बड़ा रैकेट सामने आया है। नवाबगंज और इटौंजा टोल प्लाजा पर सक्रिय इस गिरोह ने टोल कर्मियों की मिलीभगत से महज दो महीने में आठ करोड़ रुपये से अधिक के सरकारी राजस्व की चपत लगा दी है। ओवरलोड ट्रक 500 से 700 रुपये की मामूली रसीद कटाकर निकल जाते थे, जबकि सही नंबरों पर ऐसे ओवरलोड ट्रकों का चालान एक से सवा लाख रुपये तक का होता है।
इस गोरखधंधे का खुलासा तब हुआ जब एआरटीओ प्रवर्तन आलोक कुमार यादव ने नवाबगंज टोल से गुजर रहे एक ट्रक (यूपी-32-जेडएन-8925) को रोका। इसके बाद इटौंजा टोल से पिछले दो महीनों की सूची की जांच की गई, तो पता चला कि लगभग 1600 ट्रकों में से आधे एमए नंबर सीरीज की फर्जी प्लेटों का इस्तेमाल कर पास हुए थे। एआरटीओ प्रवर्तन आलोक कुमार यादव के अनुसार, यदि इन लगभग 800 ट्रकों पर नियमानुसार जुर्माना लगाया जाता तो यह राशि आठ करोड़ रुपये से अधिक होती।
टोल प्लाजा पर वाहनों का शुल्क फास्टैग के माध्यम से कटता है, जो वाहन के नंबर से जुड़ा होता है। पकड़े गए ट्रक का टोल उसके वास्तविक नंबर के आधार पर नहीं कटा था, जिससे टोल कर्मियों की मिलीभगत से फास्टैग को नजरअंदाज करने या किसी अन्य तरीके से शुल्क काटने की आशंका जताई जा रही है। फर्जी नंबर प्लेटों का इस्तेमाल करने वाले ऐसे ट्रक हाईवे पर किसी भी दुर्घटना की स्थिति में आसानी से पकड़ में नहीं आते, क्योंकि सीसीटीवी फुटेज में भी वे फर्जी नंबरों के साथ ही दर्ज होते हैं।
इस मामले में, एआरटीओ प्रवर्तन आलोक कुमार यादव की तहरीर पर सरोजनी नगर थाने में ट्रक चालक मनीष और नवाबगंज टोल प्लाजा के अज्ञात कर्मचारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ओवरलोड ट्रकों को पास कराने के इस खेल की गहनता से जांच कर रही है।
