उज्जैन में रिटायर्ड कर्नल को ‘डिजिटल अरेस्ट’ की धमकी, CBI अफसर बनकर ठगी का प्रयास (Ujjain cyber fraud news)
उज्जैन में साइबर ठगों ने एक सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट कर्नल को निशाना बनाते हुए ‘डिजिटल अरेस्ट’ की धमकी देकर ठगी करने का प्रयास किया। ठगों ने खुद को सीबीआई अधिकारी बताकर कर्नल को मनी लॉन्ड्रिंग के एक फर्जी मामले में फंसाने की कोशिश की। यह घटना बुधवार को हुई, जब 80 वर्षीय सेवानिवृत्त कर्नल गंगाराम वर्मा को एक फोन कॉल आया।
फर्जी मनी लॉन्ड्रिंग केस का डर
ठगों ने कर्नल वर्मा को बताया कि मुंबई में उनके नाम से एक बैंक खाता है, जिससे 2.5 करोड़ रुपये का अवैध लेनदेन हुआ है। उन्होंने दावा किया कि उनकी सिम का इस्तेमाल मनी लॉन्ड्रिंग में किया गया है और इस मामले में अब तक 136 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। ठगों ने कर्नल को धमकाया कि उनका नाम 137वें नंबर पर है और जल्द ही उन्हें भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा। बदनामी के डर से कर्नल ने यह बात किसी को नहीं बताई।
बैंक अधिकारियों की सतर्कता से टली ठगी
ठगों ने कर्नल से 3 लाख रुपये की मांग की और उन्हें यह राशि एक विशेष खाते में जमा कराने के लिए कहा। डर के मारे कर्नल वर्मा एसबीआई की नई सड़क शाखा में आरटीजीएस कराने पहुंचे। बैंक के सीनियर एसोसिएट प्रियांक ने कर्नल की घबराहट और लगातार आ रही कॉल्स को देखकर शक किया। उन्होंने तत्काल पुलिस को सूचना दी।
सूचना मिलते ही माधव नगर सीएसपी राहुल देशमुख और दीपिका शिंदे पुलिस टीम के साथ बैंक पहुंचे। उन्होंने कर्नल वर्मा को विश्वास में लिया और उनके मोबाइल की जांच की। पुलिस ने कर्नल को समझाया कि यह साइबर ठगी का प्रयास है। पुलिस और बैंक अधिकारियों की सूझबूझ से कर्नल वर्मा को ठगी का शिकार होने से बचा लिया गया।
