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फिलीपींस में ‘पिनाय गोल्ड मेडलिस्ट’ AI fake video का सच, जानें कैसे हो रहा है घोटाला

By Feb 15, 2026

सोशल मीडिया पर इन दिनों ‘पिनाय गोल्ड मेडलिस्ट’ और ‘चूज़ योर फाइटर’ के नाम से एक AI fake video और तस्वीरें तेजी से प्रसारित हो रही हैं, जो लोगों को भ्रमित कर रही हैं। इन तस्वीरों में ज़ैन कैबरेरा और वेरा हिल को आमने-सामने दिखाया गया है, जिससे यह आभास होता है कि उनके बीच कोई विवाद है या यह किसी वायरल वीडियो से संबंधित मामला है। हालांकि, एक विस्तृत पड़ताल में यह खुलासा हुआ है कि ये सभी तस्वीरें और वीडियो वास्तविक नहीं हैं, बल्कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का उपयोग करके डिजिटल रूप से बनाए गए हैं। यह एक बड़ा ऑनलाइन घोटाला है जिसका उद्देश्य लोगों को ठगना है।

ये फर्जी तस्वीरें फेसबुक और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर बड़े पैमाने पर फैलाई जा रही हैं। स्कैमर्स इस तरह की सामग्री का उपयोग लोगों की जिज्ञासा बढ़ाने के लिए करते हैं, ताकि वे इन लिंक्स पर क्लिक करें। जब लोग इन लिंक्स पर क्लिक करते हैं, तो उन्हें असली वीडियो नहीं मिलता, बल्कि उन्हें फर्जी वेबसाइटों, फ़िशिंग पेजों या वायरस वाले लिंक्स पर भेज दिया जाता है। इससे उनके व्यक्तिगत डेटा और पैसों की चोरी का गंभीर खतरा पैदा हो जाता है।

AI से बनी है फर्जी सामग्री
पड़ताल में यह भी सामने आया है कि तस्वीरों के नीचे ‘DoLAI’ नामक एक वॉटरमार्क मौजूद है, जो AI-आधारित फोटो-मेकिंग और फेस-स्वैपिंग टूल से जुड़ा है। इसके अलावा, तस्वीर में दिखाया गया गोल्ड मेडल भी नकली है। ज़ैन कैबरेरा कोई ओलंपिक एथलीट नहीं हैं, लेकिन तस्वीर में उन्हें गोल्ड मेडल पहने हुए दिखाया गया है, जिसका मकसद लोगों को गुमराह करना है। स्कैमर्स लोगों को धोखा देने के लिए इस तरह की चालें चलते हैं।

तकनीकी त्रुटियाँ और डीपफेक के संकेत
तस्वीर को ध्यान से देखने पर कई तकनीकी त्रुटियाँ भी स्पष्ट रूप से दिखाई देती हैं। चेहरे की त्वचा बहुत चिकनी और अप्राकृतिक लगती है, जबकि हाथ और मोबाइल की पकड़ भी असामान्य दिखती है। इसके अतिरिक्त, चेहरे और शरीर की रोशनी भी अलग-अलग प्रतीत होती है, जो स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि यह तस्वीर विभिन्न तस्वीरों को जोड़कर बनाई गई है। ऐसे संकेत बताते हैं कि यह AI द्वारा बनाई गई एक डीपफेक इमेज है।

यह घोटाला विशेष रूप से फिलीपींस में सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स को निशाना बना रहा है और ‘विंटर ओलंपिक्स 2026’ जैसे बड़े आयोजनों के नाम का उपयोग करके लोगों को गुमराह कर रहा है। लोगों को सलाह दी गई है कि वे ऐसे किसी भी वायरल लिंक या फोटो पर भरोसा न करें और उन पर क्लिक करने से बचें, क्योंकि यह केवल लोगों को ठगने और उनके डेटा को चुराने का एक जाल है।

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