दुनिया में बढ़ रहा Vegetarianism का चलन, शाकाहारी आबादी में भारत पहले स्थान पर
आज के दौर में खान-पान सिर्फ पोषण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक जीवनशैली का हिस्सा बन चुका है। पिछले कुछ वर्षों में दुनिया भर में शाकाहार (Vegetarianism) और वीगन आहार को लेकर जागरूकता बढ़ी है। इसके पीछे स्वास्थ्य लाभ, पशु कल्याण के प्रति नैतिक विचार और पर्यावरण संरक्षण जैसे कारण शामिल हैं। कई देशों में शाकाहारी आबादी में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है।
वर्ल्ड पॉपुलेशन रिव्यू के आंकड़ों के अनुसार, शाकाहारी आबादी के मामले में भारत दुनिया में पहले स्थान पर है। भारत की लगभग एक-तिहाई आबादी शाकाहारी है। भारत में शाकाहार की जड़ें गहरी धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं से जुड़ी हैं, विशेष रूप से हिंदू, जैन और बौद्ध धर्म के ‘अहिंसा’ सिद्धांत से। भारतीय शाकाहारी व्यंजनों में दालें, सब्जियां और डेयरी उत्पादों की विविधता इसे दुनिया भर में खास पहचान दिलाती है।
भारत के बाद मेक्सिको इस सूची में दूसरे स्थान पर है, जहां पारंपरिक मांसाहारी भोजन के बावजूद शाकाहार तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। मेक्सिकन व्यंजनों में बीन्स, मक्का और सब्जियों का उपयोग इसे शाकाहारी आधार प्रदान करता है। इसी तरह, ब्राजील में भी युवा पीढ़ी के बीच स्वास्थ्य और पशु कल्याण के प्रति जागरूकता बढ़ने से शाकाहार का चलन बढ़ा है।
ताइवान में शाकाहार का सीधा संबंध बौद्ध धर्म से है, जहां शाकाहारी भोजनालयों की भरमार है। इजराइल को भी दुनिया के सबसे ‘वेजिटेरियन फ्रेंडली’ देशों में गिना जाता है, जहां हम्मस और फलाफेल जैसे व्यंजन शाकाहारी जीवनशैली को बढ़ावा देते हैं।
