गाजियाबाद की पॉश सोसायटी में नरक जैसा हाल! एसटीपी फेल होने से सड़कों पर बह रहा गंदा पानी, बीमारियों का खतरा
गाजियाबाद के आदित्य वर्ल्ड सिटी के निवासियों का जीवन बदबू और गंदगी के बीच सिमट कर रह गया है। टाउनशिप में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) की क्षमता इतनी कम है कि यह विशाल आबादी के लिए बिल्कुल नाकाफी साबित हो रहा है। स्वीकृत लेआउट प्लान के अनुसार, टाउनशिप की अनुमानित जनसंख्या 1.5 लाख से अधिक है, जिसके लिए प्रतिदिन 3,020 किलो लीटर अपशिष्ट जल उपचार की आवश्यकता है। लेकिन बिल्डर द्वारा विकसित एसटीपी इसकी तुलना में बहुत छोटा है, और जो थोड़ा-बहुत बना भी है, वह अधिकांश समय निष्क्रिय पड़ा रहता है।
निवासियों का कहना है कि एसटीपी के टैंकों में सूखा कीचड़ जमा है और दरारें पड़ चुकी हैं, जिससे साफ पता चलता है कि इसका नियमित संचालन नहीं हो रहा है। इसका सीधा परिणाम यह हुआ है कि सीवर लाइनें जाम हो गई हैं और गंदा पानी सड़कों तथा खुले क्षेत्रों में बह रहा है। यह स्थिति न केवल असहनीय दुर्गंध पैदा कर रही है, बल्कि मच्छरों के प्रजनन के लिए एक आदर्श स्थान बन गई है, जिससे निवासियों के स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है।
सोसायटी के निवासियों ने इस गंभीर समस्या के समाधान के लिए बिल्डर और संबंधित अधिकारियों से गुहार लगाई है। उनकी मांग है कि अनुमानित आबादी के अनुरूप एसटीपी की क्षमता को तत्काल बढ़ाया जाए और निष्क्रिय पड़ी व्यवस्था को तुरंत सुचारु किया जाए। निवासियों का कहना है कि स्वच्छता और पर्यावरण मानकों का पालन सुनिश्चित करना बिल्डर की जिम्मेदारी है, लेकिन इस लापरवाही के कारण उनका जीवन नरक बन गया है। इस संबंध में मेंटेनेंस कंपनी के मालिक से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया, जिससे निवासियों में और भी अधिक आक्रोश है।
