पीलीभीत में आवारा पशुओं का आतंक, किसानों और राहगीरों को भारी परेशानी (Pilibhit news)
पीलीभीत जिले में आवारा पशुओं के कारण किसानों और आम नागरिकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कड़ाके की ठंड और घने कोहरे के बीच ये पशु सड़कों पर घूमते रहते हैं, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है। वहीं, किसानों को अपनी फसलों की रखवाली के लिए रात भर खुले आसमान के नीचे जागना पड़ रहा है।
जिले में गोशालाओं की पर्याप्त व्यवस्था न होने के कारण आवारा पशुओं का संरक्षण नहीं हो पा रहा है। पूरनपुर तहसील क्षेत्र में केवल 12 गोशालाएं हैं, जिनकी कुल क्षमता 850 पशुओं की है, लेकिन वर्तमान में इनमें 1000 से अधिक पशु संरक्षित हैं। क्षमता से अधिक पशु होने के कारण नई गोशालाओं में जगह नहीं मिल पा रही है।
किसानों का कहना है कि जरा सी चूक होने पर पशुओं के झुंड खेतों में घुसकर फसलों को बर्बाद कर देते हैं। इससे उनकी मेहनत पर पानी फिर जाता है। स्थानीय ग्राम प्रधानों ने भी लंबे समय से गांवों में नई गोशालाएं स्थापित करने की मांग की है, लेकिन प्रशासन की ओर से इस पर कोई ठोस पहल नहीं की जा रही है।
