उत्तराखंड पंचायत उपचुनाव: 12 जिलों में चुनावी रणभेरी, 22 नवंबर को आएंगे नतीजे
उत्तराखंड के 12 जिलों में पंचायत उपचुनाव की रणभेरी बज चुकी है। राज्य निर्वाचन आयोग ने मंगलवार को त्रिस्तरीय पंचायतों में रिक्त पड़े 32,959 पदों के लिए उपचुनाव की अधिसूचना जारी कर दी है, जिसके साथ ही संबंधित क्षेत्रों में आदर्श आचार संहिता तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है। हरिद्वार जिले को छोड़कर शेष सभी 12 जिलों में 13 नवंबर से चुनावी प्रक्रिया शुरू होगी और 22 नवंबर को मतगणना के साथ इसका समापन होगा। इन 12 दिनों में राज्य की फिजां में चुनावी गर्माहट घुलती रहेगी।
राज्य निर्वाचन आयुक्त सुशील कुमार द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, इस उपचुनाव में ग्राम पंचायत सदस्य, ग्राम प्रधान, क्षेत्र पंचायत सदस्य और जिला पंचायत सदस्य के रिक्त पदों पर चुनाव होगा। गौरतलब है कि इसी वर्ष जुलाई में हुए त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों के दौरान ग्राम पंचायत सदस्य के 55,587 पदों में से 32,934 पदों पर नामांकन ही नहीं हो पाए थे, जिसके चलते राज्य की 4,792 ग्राम पंचायतों में कोरम पूरा न होने के कारण उनका गठन नहीं हो सका था। इसके अतिरिक्त, 22 ग्राम प्रधान, 2 क्षेत्र पंचायत सदस्य और 1 जिला पंचायत सदस्य का पद भी रिक्त है, जिन पर अब उपचुनाव कराए जाएंगे।
उपचुनाव के लिए विस्तृत कार्यक्रम भी जारी कर दिया गया है। 13 और 14 नवंबर को सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक नामांकन पत्र दाखिल किए जाएंगे। नामांकन पत्रों की जांच 15 नवंबर को होगी। उम्मीदवार 16 नवंबर को सुबह 10 बजे से दोपहर 3 बजे तक अपने नाम वापस ले सकेंगे, जिसके बाद उसी दिन चुनाव चिन्हों का आवंटन किया जाएगा। मतदान 20 नवंबर को सुबह 8 बजे से शाम 5 बजे तक होगा, जबकि मतगणना 22 नवंबर को संपन्न होगी।
आयोग की अधिसूचना के साथ ही संबंधित जिलों के जिला निर्वाचन अधिकारियों ने भी उपचुनाव की अधिसूचना जारी कर दी है। ग्राम पंचायत सदस्य, ग्राम प्रधान और क्षेत्र पंचायत सदस्य पदों के लिए चुनाव प्रक्रिया संबंधित क्षेत्र पंचायत मुख्यालयों में पूरी की जाएगी। वहीं, रुद्रप्रयाग जिले में जिला पंचायत सदस्य के एकमात्र रिक्त पद के उपचुनाव की प्रक्रिया जिला पंचायत मुख्यालय में संपन्न होगी। इन उपचुनावों से ग्रामीण स्तर पर विकास कार्यों को गति मिलने और लोकतांत्रिक प्रक्रिया को मजबूत करने की उम्मीद है।
