उत्तराखंड में स्मार्ट मीटर लगाने पर रोक नहीं, पुराने खराब मीटरों को मिलेगी प्राथमिकता
देहरादून: उत्तराखंड पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (यूपीसीएल) ने राज्य में स्मार्ट मीटर लगाने को लेकर चल रही अटकलों पर विराम लगाते हुए स्पष्ट किया है कि स्मार्ट मीटर लगाने पर कोई रोक नहीं है। इसके बजाय, यूपीसीएल ने खराब या गलत रीडिंग दे रहे लगभग 20,000 विद्युत मीटरों को प्राथमिकता के आधार पर बदलकर नए स्मार्ट मीटर लगाने का आदेश जारी किया है।
यूपीसीएल के प्रबंध निदेशक अनिल यादव ने बताया कि नए विद्युत कनेक्शनों में स्मार्ट मीटर लगाने पर कोई प्रतिबंध नहीं है। हालांकि, प्राथमिकता खराब हो चुके पुराने मीटरों को बदलने और उनकी जगह स्मार्ट मीटर लगाने को दी जाएगी। इसका मुख्य उद्देश्य उपभोक्ताओं की उन समस्याओं का समय पर समाधान करना है जो पुराने, दोषपूर्ण मीटरों के कारण उत्पन्न हो रही हैं। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि क्षतिग्रस्त मीटरों को स्मार्ट मीटर से बदलने का कार्य अगले तीन दिनों में तेजी से पूरा कर लिया जाएगा। इसके उपरांत, पूरी तरह से नए कनेक्शनों में स्मार्ट मीटर लगाने का कार्य शुरू किया जाएगा।
अधिकारियों के अनुसार, दोषपूर्ण मीटरों के स्थान पर नए स्मार्ट मीटर की स्थापना से बिलिंग प्रक्रिया में सटीकता आएगी। इससे न केवल तकनीकी हानियां कम होंगी, बल्कि उपभोक्ताओं को निर्बाध और विश्वसनीय विद्युत आपूर्ति भी सुनिश्चित की जा सके सकेगी। यह कदम उपभोक्ताओं के लिए लंबे समय से चली आ रही रीडिंग संबंधी शिकायतों का निवारण करेगा।
यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब यह बात सामने आई थी कि कुछ अधिकारी नए कनेक्शनों और अन्य उपभोक्ताओं को स्मार्ट मीटर जारी कर अपनी प्रदर्शन रिपोर्ट बेहतर बनाने में लगे थे, जबकि प्रदेश में करीब 20,000 उपभोक्ता पुराने और खराब मीटरों से परेशान थे। इन खराब मीटरों में जले-फूंके मीटरों के अलावा रीडिंग संबंधी अन्य तकनीकी खामियां भी शामिल थीं। इस स्थिति को देखते हुए, यूपीसीएल को यह स्पष्ट निर्देश जारी करने पड़े कि पहले खराब मीटरों को प्राथमिकता से बदला जाए।
इन कार्यों में तेजी लाने के लिए, यूपीसीएल ने विभिन्न जोन, सर्किल और डिवीजन स्तर पर विशिष्ट शिविरों का आयोजन शुरू कर दिया है। फील्ड अधिकारियों को उपभोक्ताओं के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने और मीटर इंस्टॉलेशन, तकनीकी सुधार व अन्य संबंधित गतिविधियों को बिना किसी देरी के पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। यूपीसीएल यह भी सुनिश्चित कर रहा है कि प्रदेश में सभी नए विद्युत कनेक्शन स्मार्ट मीटर के साथ ही जारी किए जाएं, ताकि उपभोक्ताओं को शुरू से ही एक डिजिटल और उन्नत मीटरिंग प्रणाली का लाभ मिल सके।
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